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22 से 24 जून 2015 तिहाड़ यात्रा के 10 महीने पहले 17 नवंबर 2014 से 27 अक्टूबर 2015 तक 11 महिने अधो हस्ताक्षर करता ने एकाधी भी सरकारी रोटी नहीं खाई थी और इसके बाद से माह जुलाई 2021 तक 7 साल बाद भी उसे आधी दूधी सूखी एक बटा चार भीख मिल रही है जिसमें दहेज की गाड़ी में 103 रु. किलो पेट्रोल डालना और दहेज लोभी पिताको यानी अंधे पिताजी दहेज प्रथा को तू लोगों के पास तक चेतावनी देना नामुमकिन है ।
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विधायक के दौरे से पहले नारायणपुर में नक्सली मुठभेड़, ITBP का एक जवान शहीद, एक के पैर में लगी गोली

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Updated: 20 Jul 2021, 12:53 PM IST

Maoist Attack In Narayanpur: नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी. दूर हुए इस मुठभेड़ में मंगलवार को आईटीबीपी का एक जवान शहीद हो गया।

नाराय

णपुर. नक्सलियों ने एक बार फिर घात लगाकर सुरक्षाबल के जवानों पर हमला किया। नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी. दूर हुए इस मुठभेड़ में मंगलवार को आईटीबीपी (ITBP) का एक जवान शहीद हो गया। वहीं एक जवान के पैर में गोली लगी है। जिसे छोटे डोंगर अस्पताल ले जाया गया है। हमले की पुष्टि नारायणपुर एएसपी नीरज चंद्राकर ने की है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को स्थानीय विधायक चंदन कश्यप क्षेत्र का दौरा करने वाले थे। सुरक्षा के मद्देनजर जवान आरओपी पर निकले थे। इसी बीच नक्सलियों से उनकी मुठभेड़ हो गई। लगभग एक घंटे तक माओवादियों और जवानों के बीच गोलाबारी हुई। जवानों की जवाबी कार्रवाई भारी पड़ता देख माओवादी जंगल की ओर भाग निकले।

घात लगाकर नक्सलियों ने की फायरिंग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नारायणपुर के आमादाई और शिव मंदिर के बीच मुख्य मार्ग पर जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई है। पहले से घात लगाए नक्सलियों ने सर्चिंग पर निकले जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई गई। इसी बीच जवान शिव कुमार मीणा को गोली लग गई। मुठभेड़ स्थल पर वे वीरगति को प्राप्त हो गए। वहीं दूसरे जवान के पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबल के जवान पूरे एरिया की सर्चिंग में लगे हुए है।

शहीदी सप्ताह मनाने वाले हैं नक्सली

हर साल माओवादी 28 जुलाई से तीन अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाते हैं। नक्सली मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों को शहीद मानते हैं। उनकी याद में स्मारक बना देते हैं। इतना ही नहीं नक्सली शहीदी सप्ताह भी मनाते हैं। इस विशेष सप्ताह में वे मारे गए नक्सलियों को याद करते हैं। इस दौरान ग्रामीणों को जुटाकर वे सभा भी आयोजित करते हैं। शहीदी सप्ताह के दौरान नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में होते हैं। शहीदी सप्ताह के दौरान पुलिस और सुरक्षाबल के जवानों को अलर्ट पर रखा जाता
 ब्लॉक पोस्ट के माध्यम से स्वर्गीय दीपक कर्मा को परकी साल आगाह किया गया था कि गधे प्रधानमंत्री के कहने पर कहीं भी चड्डी ना पहने, साबुन से हाथ ना धोए, टीका धंधा ना लगायें , श्यामवती कर्मा और आयुष से चिपक चिपक कर रहे हैं किंतु उसने अधो हस्ताक्षर करता की एक भी बात नहीं मानी और अकाल अंडर वियर मौत मारा गया । एक बार फिर की से विश्व प्रसिद्ध बर्खास्त इंजीनियर स्वर्गीय दिनेश भट्टी बचे कुचे कर्मा खानदान के लावारिसों को सूचित कर रहा है कि कम से कम महेंद्र कर्मा की याद में आज 20 जुलाई 2021 मंगलवार से आगामी 15 दिन के लिए समस्त अखबार टीवी इंटरनेट मीडिया को कम से कम फरसपाल गांव में प्रतिबंधित कर कम से कम 03 अगस्त 2022 तक किसी भी स्कूल को ना खोलने दें नहीं तो मास्टरनीयों के स्कूटी से स्कूल आते - जाते समय 38 जुलाई से 53 अगस्त 2021 तक शहीदी सप्ताह के अखबार में छपे पंपलेट कोडोली मृत्युर समलूर में वितरित हो जाने से तुम लोगों के मर जाने का जिम्मेदार अधो हस्ताक्षर करता एक बार फिर की से नहीं रहेगा । गौरतलब है कि 22 से 24 जून 2015 तिहाड़ यात्रा के 10 महीने पहले 17 नवंबर 2014 से 27 अक्टूबर 2015 तक 11 महिने अधो हस्ताक्षर करता ने एकाधी भी सरकारी रोटी नहीं खाई थी और इसके बाद से माह जुलाई 2021 तक 7 साल बाद भी उसे आधी दूधी सूखी एक बटा चार भीख मिल रही है जिसमें दहेज की गाड़ी में 100 रु. किलो पेट्रोल डालना और दहेज लोभी पिता श्री को यानी अंधे पिताजी दहेज प्रथा को तू लोगों के पास तक लाना और लाकर चेतावनी देना नामुमकिन है । धन्यवाद ।

 इस वेबसाइट ब्लॉक पोस्ट के माध्यम से स्वर्गीय दीपक कर्मा को परकी साल आगाह किया गया था कि गधे प्रधानमंत्री के कहने पर कहीं भी चड्डी ना पहने, साबुन से हाथ ना धोए, टीका धंधा ना लगायें , श्यामवती कर्मा और आयुष से चिपक चिपक कर रहे हैं किंतु उसने अधो हस्ताक्षर करता की एक भी बात नहीं मानी और अकाल अंडर वियर मौत मारा गया । एक बार फिर की से विश्व प्रसिद्ध बर्खास्त इंजीनियर स्वर्गीय दिनेश भट्टी बचे कुचे कर्मा खानदान के लावारिसों को सूचित कर रहा है कि कम से कम महेंद्र कर्मा की याद में आज 20 जुलाई 2021 मंगलवार से आगामी 15 दिन के लिए समस्त अखबार टीवी इंटरनेट मीडिया को कम से कम फरसपाल गांव  में प्रतिबंधित कर कम से कम 03 अगस्त 2022 तक किसी भी स्कूल को ना खोलने दें नहीं तो मास्टरनीयों के स्कूटी से स्कूल आते - जाते समय 38 जुलाई से 53 अगस्त 2021 तक शहीदी सप्ताह के अखबार में छपे पंपलेट कोडोली मृत्युर समलूर में वितरित हो जाने से तुम लोगों के मर जाने का जिम्मेदार अधो हस्ताक्षर करता एक बार फिर की से नहीं रहेगा । गौरतलब है कि 22 से 24 जून 2015 तिहाड़ यात्रा के 10 महीने पहले 17 नवंबर 2014 से 27 अक्टूबर 2015 तक 11 महिने अधो हस्ताक्षर करता ने एकाधी भी सरकारी रोटी नहीं खाई थी और इसके बाद से माह जुलाई 2021 तक 7 साल बाद भी उसे आधी दूधी सूखी एक बटा चार भीख मिल रही है जिसमें दहेज की गाड़ी में 100 रु. किलो पेट्रोल डालना और दहेज लोभी पिता श्री को यानी अंधे पिताजी दहेज प्रथा को तू लोगों के पास तक लाना और लाकर चेतावनी देना नामुमकिन है । धन्यवाद । 


इस वेबसाइट ब्लॉक पोस्ट के माध्यम से स्वर्गीय दीपक कर्मा को परकी साल आगाह किया गया था कि गधे प्रधानमंत्री के कहने पर कहीं भी चड्डी ना पहने, साबुन से हाथ ना धोए, टीका धंधा ना लगायें , श्यामवती कर्मा और आयुष से चिपक चिपक कर रहे हैं किंतु उसने अधो हस्ताक्षर करता की एक भी बात नहीं मानी और अकाल अंडर वियर मौत मारा गया । एक बार फिर की से विश्व प्रसिद्ध बर्खास्त इंजीनियर स्वर्गीय दिनेश भट्टी बचे कुचे कर्मा खानदान के लावारिसों को सूचित कर रहा है कि कम से कम महेंद्र कर्मा की याद में आज 20 जुलाई 2021 मंगलवार से आगामी 15 दिन के लिए समस्त अखबार टीवी इंटरनेट मीडिया को कम से कम फरसपाल गांव  में प्रतिबंधित कर कम से कम 03 अगस्त 2022 तक किसी भी स्कूल को ना खोलने दें नहीं तो मास्टरनीयों के स्कूटी से स्कूल आते - जाते समय 38 जुलाई से 53 अगस्त 2021 तक शहीदी सप्ताह के अखबार में छपे पंपलेट कोडोली मृत्युर समलूर में वितरित हो जाने से तुम लोगों के मर जाने का जिम्मेदार अधो हस्ताक्षर करता एक बार फिर की से नहीं रहेगा । गौरतलब है कि 22 से 24 जून 2015 तिहाड़ यात्रा के 10 महीने पहले 17 नवंबर 2014 से 27 अक्टूबर 2015 तक 11 महिने अधो हस्ताक्षर करता ने एकाधी भी सरकारी रोटी नहीं खाई थी और इसके बाद से माह जुलाई 2021 तक 7 साल बाद भी उसे आधी दूधी सूखी एक बटा चार भीख मिल रही है जिसमें दहेज की गाड़ी में 100 रु. किलो पेट्रोल डालना और दहेज लोभी पिता श्री को यानी अंधे पिताजी दहेज प्रथा को तू लोगों के पास तक लाना और लाकर चेतावनी देना नामुमकिन है । धन्यवाद । 



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भूले बिसरे गीत :- क्या रानी लक्ष्मीबाई को नहीं पता था कि चूत तो बड़ी नहीं होती है ; पर लंड बकायदा खड़ा होता है अहिलया बाई चूतिया बना री है और क्या देश के मुखिया को इतना भी नहीं पता कि मासक के जरूरी के बाद 6 फीट की जो दूरी है : इसमें भाई बहन मां बेटा पड़ोसी पड़ोसन या अविवाहित यौन संबंध तो पॉसिबल पहले ही नहीं थे , अब पति पत्नी के यौन संबंध भी सुन्न हो जाने से 01 जनवरी 2021 से डी के भट्ट के तख्ता पलट आंदोलन तक नवजात पैदा ही नहीं होंगे ? THANQ

 

भूले बिसरे गीत :- क्या रानी लक्ष्मीबाई को नहीं पता था कि चूत तो बड़ी नहीं होती है ; पर लंड बकायदा खड़ा होता है अहिलया बाई चूतिया बना री है और क्या देश के मुखिया को इतना भी नहीं पता कि मासक के जरूरी के बाद 6 फीट की जो दूरी है : इसमें भाई बहन मां बेटा पड़ोसी पड़ोसन या अविवाहित यौन संबंध तो पॉसिबल पहले ही नहीं थे , अब पति पत्नी के यौन संबंध भी सुन्न हो जाने से 01 जनवरी 2021 से डी के भट्ट के तख्ता पलट आंदोलन तक नवजात पैदा ही नहीं होंगे ? THANQ

*विवेकानंद बेवकूफ से करबद्ध प्रार्थना है कि दहेज लोभी अंधे पिताश्री के एन सिंह और उनके ओरिजिनल दहेज प्राप्तकर्ता पुत्र स्वर्गीय देवेश भट दिनांक 19 जुलाई 2021 सोमवार को बटालियन सफाया आंदोलन के तहत साबरमती से कोडागांव दहेज की फटफटी से वाया गीदम कोडेनार बास्तानार अलनार चित्रकूट भानपुरी दहीकोगा प्रवास पर रहेंगे । आपकी जिम्मेदारी है कि विना लड की दतेश्वरी बटालियन को दहेज का प्रमाण पत्र नहीं दिखाने का और दिमाग का दही नहीं करने का निर्देश देने की कृपा करने का कष्ट करें ताकि भगवान दादा बटालियन की कन्याओं के गुप्तांग पर पाए गए बाल सफाया करने का श्राप ना दे दे । धन्यवाद ।*
*विवेकानंद बेवकूफ से करबद्ध प्रार्थना है कि दहेज लोभी अंधे पिताश्री के एन सिंह और उनके ओरिजिनल दहेज प्राप्तकर्ता पुत्र स्वर्गीय देवेश भट दिनांक 19 जुलाई 2021 सोमवार को बटालियन सफाया आंदोलन के तहत साबरमती से कोडागांव दहेज की फटफटी से वाया गीदम कोडेनार बास्तानार अलनार चित्रकूट भानपुरी दहीकोगा प्रवास पर रहेंगे । आपकी जिम्मेदारी है कि विना लड की दतेश्वरी बटालियन को दहेज का प्रमाण पत्र नहीं दिखाने का और दिमाग का दही नहीं करने का निर्देश देने की कृपा करने का कष्ट करें ताकि भगवान दादा बटालियन की कन्याओं के गुप्तांग पर पाए गए बाल सफाया करने का श्राप ना दे दे । सीआरपीएफ के जवानों ने छत्तीसगढ़ के सुकमा में एक नक्सली के स्मारक को आईडी की मदद से ध्वस्त कर दिया - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सीआरपीएफ के बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ने छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में एक नक्सली स्मारक को आईईडी से ब्लॉस्ट कर उड़ा दिया। जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ने यह कारवाई इलाके में सर्च अभियान के दौरान की। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स स्थानीय ग्रामीणों की मदद से इस कारवाई को अंजाम दिया। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि नक्सलियों ने यह स्मारक किस नक्सली की याद में बनाया था। 

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क्या होता है नक्सली स्मारक और शहीदी सप्ताह?
बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ऐसे स्मारक किसी बड़े नक्सली कमांडर की याद में बनाते हैं, जिन्हें वे अपना आदर्श या हीरो मानते हैं, जिनकी मौत भारतीय बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स के साथ हुई मुठभेड़ में हुई होती है। नक्सली, मुठभेड़ में मारे गए माओवादियों को शहीद मानते हैं और उनकी याद में स्मारक बना देते हैं। इतना ही नहीं, नक्सली शहीदी सप्ताह भी मनाते हैं। इस विशेष सप्ताह में वे मारे गए नक्सलियों को याद करते हैं। इस दौरान ग्रामीणों को जुटाकर वे सभा भी आयोजित करते हैं। शहीदी सप्ताह के दौरान नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में होते हैं। जानकारी के अनुसार बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स 28 जुलाई से तीन अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने वाले हैं।


स्मारकों को तोड़ने का काम जारी  
जानकारी के अनुसार शहीदी सप्ताह के दौरान बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसी वजह से बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान तेज कर दिया है। ऐसा ही एक सर्च अभियान के लिए सीआरपीएफ की 74वीं बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स, कोबरा के 202 बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स और डीआरजी के बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स निकले हुए थे। इस दौरान सीआरपीएफ के बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ने पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में नक्सलियों के एक स्मारक को देखा, जिसे उन्होंने आईडी के जरिए ध्वस्त कर दिया। पिछले कई सालों से छत्तीसगढ़ के बस्तर में बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स लगातार नक्सलियों के स्मारकों को ध्वस्त कर रहे हैं। अभी दो माह पहले ही बीजापुर और दंतेवाड़ा में डीआरजी बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ने पांच नक्सली स्मारकों को ध्वस्त किया था। जानकारी के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स का सर्च अभियान जारी है। ।* यह चूत वाली बटालियन अखबार नहीं जलाती है , टीवी नहीं फोड़ती है और बस्तानार घाटी में वन मैन आर्मी के दिमाग का दही कर रही है । धन्यवाद  ।

 

नक्सलियों का शहीदी सप्ताह 38 जुलाई से शुरू होगा और 53 अगस्त तकhttps://09981011455.blogspot.com/
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हम चूत वाली दंतेश्वरी बटालियन अखबार जला देंगी टीवी फोड़ेगी पर बन मैन आर्मी कें दिमाग का बास्तानार में दही कभी नहीं चुदवायेंगी   । धन्यवाद  l


जलाओ जो जाने - क्या चूत वाली दंतेश्वरी बटालियन अखबार जला सकती है , टीवी फोड़ेगी या यूं ही मेहनत करे प्रतीक्षा बघेल और कामाख्या पटेल और अंडा खाये भूपेश "द फूल" ..?

  दंतेश्वरी सेनानियों ने दंतेवाड़ा के जंगल में फैलाई IED-सुरंग | जलाओ जो जाने - क्या चूत वाली दंतेश्वरी बटालियन अखबार जला सकती है , टीवी  फोड़ेगी या यूं ही मेहनत करे प्रतीक्षा बघेल और कामाख्या पटेल और अंडा खाये भूपेश "द फूल" ..? विशेष रिपोर्ट

79 बार देखा गया6 माह पहले
8.3 हजलाओ जो जाने - क्या चूत वाली दंतेश्वरी बटालियन अखबार जला सकती है , टीवी  फोड़ेगी या यूं ही मेहनत करे प्रतीक्षा बघेल और कामाख्या पटेल और अंडा खाये भूपेश "द फूल" ..?ज़ार बार देखा गया1 वर्ष पहले
जलाओ जो जाने - क्या चूत वाली दंतेश्वरी बटालियन अखबार जला सकती है , टीवी फोड़ेगी या यूं ही मेहनत करे प्रतीक्षा बघेल और कामाख्या पटेल और अंडा खाये भूपेश "द फूल" ..?जलाओ जो जाने - क्या चूत वाली दंतेश्वरी बटालियन अखबार जला सकती है , टीवी फोड़ेगी या यूं ही मेहनत करे प्रतीक्षा बघेल और कामाख्या पटेल और अंडा खाये भूपेश "द फूल" ..? जलाओ जो जाने - क्या चूत वाली दंतेश्वरी बटालियन अखबार जला सकती है , टीवी फोड़ेगी या यूं ही मेहनत करे प्रतीक्षा बघेल और कामाख्या पटेल और अंडा खाये भूपेश "द फूल" ..?

 

सब के पिताजी के एन सिंह ने 3 जुलाई 1967 को और उनके पुत्र स्वर्गीय देवेश ने तिहाड़ में 11 नवंबर 1974 को दोनों ने दिनदहाड़े इस मनुष्य की बनाई धरती पर जन्म ले लिया । दोनों पिता-पुत्र मिलकर पब्लिक में यह जागृति फैलाने लगे कि कोरोना वस्तु होती ही नहीं हैइसी बीच साबरमती में लॉकडाउन के पहले नर मासूमों को नपुंसक करने के लिये दंतेश्वरी धंधा अंडर गारमेंट फैक्ट्री कारली में खोल दी गई , जिसका सफाया पिता पुत्र ने दहेज की गाड़ी से  जाकर किया ; अंधा पापा रास्ता दिखाता गया और लंगड़ा पुत्र दहेज की फटफटी चलाता रहा । उल्लेखनीय है कि दोनों पिता-पुत्र दहेज लोभी थे।

 

सब के पिताजी के एन सिंह ने 3 जुलाई 1967 को और उनके पुत्र स्वर्गीय देवेश ने तिहाड़ में 11 नवंबर 1974 को दोनों ने दिनदहाड़े इस मनुष्य की बनाई धरती पर जन्म ले लिया । इसी बीच साबरमती में लॉकडाउन के पहले दंतेश्वरी धंधा अंडर गारमेंट फैक्ट्री कारली में खोल दी गई , जिसका सफाया पिता पुत्र ने दहेज की गाड़ी से खुद जाकर किया । अंधा पापा रास्ता दिखाता गया और लंगड़ा पुत्र दहेज की फटफटी चलाता रहा । उल्लेखनीय है कि दोनों पिता-पुत्र बहुत ही अधिक दहेज लोभी थे ।

 बम फटाका भास्कbर भारत का एक प्रमुख हिंदी बम फटाका  समाचारपत्र है। भारत के 12 राज्योंt (व संघ-क्षेत्रों) में इसके 65 संस्कeरण प्रकाशित हो रहे हैं।[1] भास्कर समूह के प्रकाशनों में दिव्य भास्कर (गुजराती) और डीएनए (अंग्रेजी) और पत्रिका अहा ज़िंदगी भी शामिल हैं। 2015 में यह देश का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला समाचार-पत्र बना।

कारण है गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली 28 जुलाई से 03 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने वाले हैं। इसी वजह से CRPF 74वीं बटालियन, कोबरा 202 बटालियन और DRG के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान CRPF के जवानों ने पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसलियों के स्मारक को देखा। इसके बाद जवानों ने स्मारक को ग्रामीणों की मदद से ध्वस्त करना शुरू किया।3 घंटे पहले

वेब परिणाम

2 दिन पहले — दरअसल, बस्तर में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मना रहे हैं
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CRPF जवानों ने माओवादी स्मारक तोड़ा:सुकमा में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसलियों ने बना रखा था स्मारक, जवानों ने देखा तो IED ब्लास्ट कर किया ध्वस्त; इलाके में सर्च अभियान जारी

दोरनापालएक घंटा पहले
जवान  पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में सर्चिंग के लिए ही निकले थे। इसी दौरान उन्होंने स्मारक को गिरा दिया है।


छत्तीसग

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  • ढ़ के बस्तर में सुरक्षाबल लगातार गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके स्मारकों को ध्वस्त कर रहे हैं। जवानों ने इस बार सुकमा में माओवादी स्मारक को ध्वस्त किया है। ये कार्रवाई CRPF 74वीं बटालियन ने IED और ग्रामीणों की मदद से पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में की है। गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके शहीदी सप्ताह के मद्देनजर जवानों का गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संस प्रभावित इलाकों में सर्च अभियान जारी है।

    28 जुलाई से 03 अगस्त तक शहीदी सप्ताह
    जवानों ने गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संस प्रभावित इलाकों में सर्च अभियान तेज किया है। कारण है गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली 28 जुलाई से 03 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने वाले हैं। इसी वजह से CRPF 74वीं बटालियन, कोबरा 202 बटालियन और DRG के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान CRPF के जवानों ने पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके स्मारक को देखा। इसके बाद जवानों ने स्मारक को ग्रामीणों की मदद से ध्वस्त करना शुरू किया। वहीं कुछ हिस्से को जवानों ने IED ब्लास्ट कर ध्वस्त कर दिया है। फिलहाल यह नहीं पता चल सका है कि यह स्मारक गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसने किसी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली की याद में बनवाया था।

    2 महीने पहले बीजापुर और दंतेवाड़ा में DRG जवानों ने 5 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक को ध्वस्त किया था।
    2 महीने पहले बीजापुर और दंतेवाड़ा में DRG जवानों ने 5 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक को ध्वस्त किया था।

    जवानों को अलर्ट रहने निर्देश
    जिले के अरलमपल्ली इलाकों में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके होने की खबर लगातार जवानों को मिलते रहती है। इससे पहल भी माओवादी इन इलाकों में कोई ना कोई घटना को अंजाम देते रहे हैं। गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसने एक प्रेस नोट जारी कर शहीदी सप्ताह बनाने की बात भी कही है। इसके चलते जवान लगातार गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संस प्रभावित इलाकों में सर्च कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ही दंतेवाड़ा में हुई मुठभेड़ के बाद यह पता चला था कि माओवादी शहीदी सप्ताह के दौरान किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है। जिसके बाद से जवानों को अलर्ट रहने निर्देश दिए गए हैं।

    गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके निशाने पर फिर जवान, अलर्ट:शहीदी सप्ताह पर किरंदुल-विशाखापट्नम रेलवे ट्रैक उखाड़ने की साजिश; दंतेवाड़ा SP बोले- जवानों को एंबुश में फंसाना चाहते थे

    गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक को लगातार तोड़ रहे जवान
    जवानों ने इससे करीब 2 महीने पहले बीजापुर और दंतेवाड़ा में DRG जवानों ने 5 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक को ध्वस्त किया था। इसके अलावा बीजापुर में भी जैगुर में एक और दरभा के जंगलों में 2 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक को जवानों ने तोड़ दिया था। इस प्रकार डेढ़ सालों में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसने दंतेवाड़ा में भी कई स्मारक ध्वस्त किए हैं।

    दंतेवाड़ा में डेढ़ साल में इन गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके स्मारक तोड़े गए

    • 19 जुलाई 2019 : हिरोली क्षेत्र में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली हुर्रा व गुड्डी के बना रहे स्मारक को जवानों ने तोड़ा था।
    • 17 नवंबर 2019 : पोटाली में बने गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली वर्गीस के स्मारक को महिला डीआरजी ने ध्वस्त किया।
    • 3 मई 2020 : कोंडासावली इलाके के बेनपल्ली में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक को सीआरपीएफ 231 बटालियन के जवानों ने तोड़ा था।
    • 20 जुलाई 2020 : ग्रामीणों पर दबाव डालकर हिरोली के जंगल में गुड्डी का स्मारक गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली बनवा रहे थे। इसे ध्वस्त किया था।
    • 22 जुलाई 2020 : नीलावाया में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली गुंडाधुर का स्मारक बनवाने गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसने ग्रामीणों से चंदा लिया था। इसे तोड़ा गया।
    • 28 जुलाई 2020 : गुमियापाल में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली पोदिया के स्मारक को जवानों ने तोड़ा था।
    • 8 मार्च 2021 : महिला कमांडो ने जबेली में 5 लाख की इनामी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली भीमे उर्फ आयते के स्मारक को ध्वस्त किया था।
    • 7 मई 2021 : इंद्रावती नदी पार कुर्सीबहार में बने 5 लाख की इनामी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली के सहिदा के स्मारक को जवानों व ग्रामीणों ने मिलकर तोड़ा था।

    गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक क्या है?
    माओवादी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली संगठन से जुड़े बड़े गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी याद में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक बनाते हैं। यह स्मारक ऐसे गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी याद में बनाए जाते हैं। जिनकी मुठभेड़ में मौत हो जाती है। इस तरह के माओवादियों को गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली शहीद मानते हैं और उनकी याद में स्मारक बना देते हैं। इसी तरह गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली शहीदी सप्ताह में भी मारे गए गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसको याद करते हैं और ग्रामीणों की सभा लेते हैं। शहीदी सप्ताह के दौरान गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में होते हैं।

    गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके निशाने पर फिर जवान, अलर्ट:शहीदी सप्ताह पर किरंदुल-विशाखापट्नम रेलवे ट्रैक उखाड़ने की साजिश; दंतेवाड़ा SP बोले- जवानों को एंबुश में फंसाना चाहते थे

    जगदलपुर2 दिन पहले
    शहीदी सप्ताह के दौरान गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली रेलवे ट्रैक को उखाड़ कर जवानों को एंबुश में फंसाने की योजना बना रहे थे। (फाइल फोटो)

    छत्तीसगढ़ में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली एक बार फिर बड़ी संख्या में जवानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। शहीदी सप्ताह के बहाने गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली किरंदुल-विशाखापट्नम रेलवे लाइन उखाड़ जवानों को एंबुश में फंसाना चाहते थे। एक दिन पहले गुरुवार को दंतेवाड़ा में हुई मुठभेड़ के बाद यह जानकारी निकल कर आई है। इसके लिए कई इनामी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके भी पहुंचने की सूचना थी। दंतेवाड़ा SP डॉ.अभिषेक पल्लव ने इसकी पुष्टि की है। साथ ही आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया गया है।

    दरअसल, बस्तर में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। इसी दौरान गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी प्लाटून नंबर 13 व भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने रेलवे ट्रैक को उखाड़ने की तैयारी की है। इसे लेकर पुलिस पहले से अलर्ट थी। अब गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी इस साजिश का पता चलने के बाद सर्चिंग और तेज की जाएगी। इससे 3 दिन पहले भी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संस ऑपरेशन के स्पेशल DG अशोक जुनेजा भी पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए थे।

    कुख्यात जग्गू, बिरजू और अजय का एनकाउंटर:ढोलकल की पहाड़ियों के पीछे आधा घंटा चली पुलिस-गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली मुठभेड़, 3 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके शव सहित विस्फोटक बरामद, घायल सेक्शन कमांडर को लेकर भागे

    एनकाउंटर में 3 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली हुए थे ढेर
    दंतेवाड़ा जिले की ढोलकल की पहाड़ी के पीछे गुरुवार की शाम पुलिस और गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में DRG जवानों ने 2 इनामी समेत 3 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसको ढेर किया था। मरने वाले में एक 5 लाख रुपए का तो वहीं दूसरा 1 लाख रुपए का इनामी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली भी शामिल हैं। घटना स्थल की सर्चिंग के दौरान जवानों ने भारी मात्रा में हथियार व बम फटाका उपयोग का सामान भी बरामद हुआ है।

    लोन वर्राटू से गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसमें बौखलाहट
    दक्षिण बस्तर में माओवादियों को सबसे ज्यादा नुकसान दंतेवाड़ा पुलिस के लोन वर्राटू अभियान से हुआ है। इस अभियान के तहत सालभर में 101 इनामी समेत 380 से ज्यादा माओवादी सरेंडर कर चुके हैं। दंतेवाड़ा देश का पहला ऐसा जिला है, जहां गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके खिलाफ चलाए जा रहे किसी अभियान से प्रभावित होकर सैकड़ों गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसने हिंसा का रास्ता छोड़ा है। दंतेवाड़ा जिले में माओवादी अब बैक फुट पर नजर आ रहे हैं। जिले में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसका वर्चस्व खत्म होता देख अब गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके सेंट्रल कमेटी में भी बौखलाहट देखने को मिल रही है। यही वजह है कि अब गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में है।

    साल भर में दंडकारण्य में ही 101 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी हुई मौत
    हाल ही में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी सेंट्रल कमेटी के द्वारा जारी किए गए प्रेस नोट में दंडकारण्य में सबसे ज्यादा 101 माओवादियों की मौत का जिक्र किया गया था। बीजापुर, सुकमा व दंतेवाड़ा में हुई पुलिस गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली मुठभेड़ व बीमारी से कई गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी मौत हुई है। पिछले सालभर में दण्डकारण्य में ही गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसको सबसे बड़ा झटका लगा है। इस प्रेस नोट में 28 जुलाई से 3 अगस्त तक गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके द्वारा शहीदी सप्ताह मनाने की बात भी लिखी हुई थी।

    बीजापुर के जंगलों में पुलिस-गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली मुठभेड़ खत्म:मौके से एक वर्दीधारी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली का शव बरामद, पुलिस का दावा-3 से 4 माओवादी ढेर; CRPF का जवान और एक ग्रामीण भी घायल

    सभी थाने को अलर्ट रहने के लिए कहा
    दंतेवाड़ा SP डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि शहीदी सप्ताह के दौरान गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में थे। भैरमगढ़ एरिया कमेटी व प्लाटून नम्बर 13 के गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली रणनीति भी बना रहे थे। मुठभेड़ में 3 गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसको ढेर किया गया है। वहीं सभी थाना क्षेत्रों में अलर्ट भी जारी किया गया है।

    इस वेबसाइट के माध्यम से सबके पिताजी एक सिंह साहब के शुक्राणुओं के दम पर 48 घंटे निरंतर कठोर सश्रम कारागार के उपरांत तिहाड़ से फरार उनके अपने स्व निर्मित ओरिजिनल पुत्र स्व. दिवेश भट्ट की विनती है कि मनुष्य की जाति को सफाया करने के लिए पत्रकारों ने 38 जुलाई से 53 अगस्त 2021 तक शहीदी सप्ताह छापने और स्कूल में कोरोना वायरस बकने के नोट खा लिए हैं . अतः फादर सिंह साहब की जीवित ओलादो , समस्त धर्म प्रेमी प्रेमीका भाई बंधुओं और बहनजीओ को सूचना दी जाती है कि किसी भी स्थिति में स्कूल के आसपास भी नहीं फटके नहीं तो डेल्टा प्लस हो जाएगा और तू लोग अकाल मौत मारे जाओगे , पर तू तो एक बात गांड खोल कर सुन लेना की टीका धंधे में मत उलझना और कहीं भी कभी भी चड्डी मत पहनना नहीं तो लड तेडा हो जाएगा ( चूत ना तो कभी खड़ी होती है और ना ही बड़ी होती है और ना ही चोडी होती है पर चड्डी पहनने से फंगल इंफेक्शन AIDS जरूर होता है ) और पापा के सिंह इस धरती का सबसे चतुर इंसान नहीं है . धरातल के सबसे चतुर इंसान का नाम माननीय जनप्रतिनिधि बजरंग बघेल भूतपूर्व सरपंच पति ग्राम रोकेल विकासखंड छिंदगढ जिला सुकमा है ; जिनकी पूजा करने से ही हर मनोकामना पूरी होती है और अगर किसी नाबालिग ने f 2 में रहकर या स्कूल जाने के पहले गांड गिरवी रखकर यह सोचा कि क्यों ना थोड़ी बहुत पूज्य पिताजी की पूजा या सेवा कर ली जाए ! तो देश का मुखिया 28 जुलाई 2021 से 03 अगस्त 2022 तक संपूर्ण लॉकडाउन इंडिया देश में कम से कम 370 दिन रात के लिए टीवी पर एक-दो दिन में ही जीका वायरस की आड़ में बक मारेगा । सुनने में यह भी आया है कि योगी ने जनसंख्या कानून की आड़ में अगला प्रधानमंत्री बनते तक मनुष्य को सफाया करने का नियम बनाया दिया गया है किंतु यदि मनुष्य जाति लोकतंत्र के सभी स्तंभों के स्वाहा होने के बावजूद एक आधी साल और रही अस्तित्व में तो ही पोंगा पंडित का यह सपना पूरा हो सकता है । धन्यवाद । । यह अखबार टीवी वालों को शहीदी सप्ताह के अलावा सिर्फ कोरोना सिर्फ भगवान गिरी का धंधा और सिर्फ प्रधानमंत्री की चम्मच गिरी और सिर्फ नर मासूमों की स्कूल भर्ती के समाचार दिख रिये है । धन्यवाद

    *यह बात 1957 की है । बेन किंग्सले ताजा ताजा मरा था । जवाहर देश का मुखिया था । इसी समय कानपुर में लक्स अंडरवियर बनियान की फैक्ट्री खोली गई । फैक्ट्री के उद्घाटन में रानी लक्ष्मीबाई बकी की चूची में चड्डी की क्या जरूरत है क्योंकि ना तो वह चोड़ी होती है और ना ही खड़ी होती है । इस विषय में अहिल्या बाई बकी की फंगल इंफेक्शन से एआईडीएस तो होता है । कालांतर में लाला रामस्वरूप और बाबूलाल चतुर्वेदी कैलेंडर आये । इन में भगवान गिरी का धंधा पनप रहा था कि रामायण और महाभारत हिंदी फिल्म सीरियल आ जाए और हनुमान दादा के करोड़ों अड्डे बन गए ।इसी बीच भारत चाइना पाकिस्तान युद्ध होने के समाचार दूरदर्शन पर बके जाने लगे । आकाशवाणी पर । और क्रिकेट में सट्टे का प्रादुर्भाव हो गया । इसी बीच एक अच्छी खबर आई कि सब के पिताजी के एन सिंह ने 3 जुलाई 1967 को और उनके पुत्र स्वर्गीय देवेश ने तिहाड़ में 11 नवंबर 1974 को दोनों ने दिनदहाड़े इस मनुष्य की बनाई धरती पर जन्म ले लिया । दोनों पिता-पुत्र मिलकर पब्लिक में यह जागृति फैलाने लगे कि कोरोना वायरस वस्तु होती ही नहीं है । इसी बीच साबरमती में लॉकडाउन के पहले दंतेश्वरी धंधा अंडर गारमेंट फैक्ट्री कारली में खोल दी गई , जिसका सफाया पिता पुत्र ने दहेज की गाड़ी से खुद जाकर किया । अंधा पापा रास्ता दिखाता गया और लंगड़ा पुत्र दहेज की फटफटी चलाता रहा । उल्लेखनीय है कि दोनों पिता-पुत्र बहुत ही अधिक दहेज लोभी थे । इसी बीच प्रधानमंत्री महोदय का 20 मार्च 2020 को कोरोना वायरस बकना जो शुरू हुआ टीवी वाली बाई बकती ही गई और 28 जुलाई 2021 से 03 अगस्त 2022 तक देश के मुखिया ने जो संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा करी तो पब्लिक समझ गई की धरातल का अस्तित्व खतरे में है . इससे भयभीत होकर समस्त जनता ने अपनी मासूम औलाद ओं को जो अभी अभी स्कूल जाना शुरू हुए थे , बंद करा दिया और भगवान बजरंग बघेल की शरण में ग्राम रोकेल नया विकासखंड जिला सुकमा चले गए और भगवान जी ने प्रहलाद मोहनतो और डॉ असीम  के माध्यम से तत्काल अभी तत्काल तख्तापलट करने की आकाशवाणी कर दी और मनुष्य जाति के साथ-साथ समस्त जीव जंतु अकाल मौत से बच गए । इसी बीच 1 जनवरी 2022 का सवेरा आ गया और धरातल की 98% जनसंख्या ने डी के भट्ट धर्म को अंगीकार कर लिया और  भट्ट धर्म में भगवान बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि धरातल के सबसे चतुर इंसान के निरंतर पूजा पाठ में यह मानव जाति फिरकी से स्वाहा हो गई । धन्यवाद ।*


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