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विधायक के दौरे से पहले नारायणपुर में नक्सली मुठभेड़, ITBP का एक जवान शहीद, एक के पैर में लगी गोली
Maoist Attack In Narayanpur: नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी. दूर हुए इस मुठभेड़ में मंगलवार को आईटीबीपी का एक जवान शहीद हो गया।
नाराय
णपुर. नक्सलियों ने एक बार फिर घात लगाकर सुरक्षाबल के जवानों पर हमला किया। नारायणपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किमी. दूर हुए इस मुठभेड़ में मंगलवार को आईटीबीपी (ITBP) का एक जवान शहीद हो गया। वहीं एक जवान के पैर में गोली लगी है। जिसे छोटे डोंगर अस्पताल ले जाया गया है। हमले की पुष्टि नारायणपुर एएसपी नीरज चंद्राकर ने की है। मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार को स्थानीय विधायक चंदन कश्यप क्षेत्र का दौरा करने वाले थे। सुरक्षा के मद्देनजर जवान आरओपी पर निकले थे। इसी बीच नक्सलियों से उनकी मुठभेड़ हो गई। लगभग एक घंटे तक माओवादियों और जवानों के बीच गोलाबारी हुई। जवानों की जवाबी कार्रवाई भारी पड़ता देख माओवादी जंगल की ओर भाग निकले।घात लगाकर नक्सलियों ने की फायरिंग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नारायणपुर के आमादाई और शिव मंदिर के बीच मुख्य मार्ग पर जवानों की नक्सलियों के साथ मुठभेड़ हुई है। पहले से घात लगाए नक्सलियों ने सर्चिंग पर निकले जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों की ओर से भी जवाबी कार्रवाई गई। इसी बीच जवान शिव कुमार मीणा को गोली लग गई। मुठभेड़ स्थल पर वे वीरगति को प्राप्त हो गए। वहीं दूसरे जवान के पैर में गोली लगी है। मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबल के जवान पूरे एरिया की सर्चिंग में लगे हुए है।
शहीदी सप्ताह मनाने वाले हैं नक्सली
इस वेबसाइट ब्लॉक पोस्ट के माध्यम से स्वर्गीय दीपक कर्मा को परकी साल आगाह किया गया था कि गधे प्रधानमंत्री के कहने पर कहीं भी चड्डी ना पहने, साबुन से हाथ ना धोए, टीका धंधा ना लगायें , श्यामवती कर्मा और आयुष से चिपक चिपक कर रहे हैं किंतु उसने अधो हस्ताक्षर करता की एक भी बात नहीं मानी और अकाल अंडर वियर मौत मारा गया । एक बार फिर की से विश्व प्रसिद्ध बर्खास्त इंजीनियर स्वर्गीय दिनेश भट्टी बचे कुचे कर्मा खानदान के लावारिसों को सूचित कर रहा है कि कम से कम महेंद्र कर्मा की याद में आज 20 जुलाई 2021 मंगलवार से आगामी 15 दिन के लिए समस्त अखबार टीवी इंटरनेट मीडिया को कम से कम फरसपाल गांव में प्रतिबंधित कर कम से कम 03 अगस्त 2022 तक किसी भी स्कूल को ना खोलने दें नहीं तो मास्टरनीयों के स्कूटी से स्कूल आते - जाते समय 38 जुलाई से 53 अगस्त 2021 तक शहीदी सप्ताह के अखबार में छपे पंपलेट कोडोली मृत्युर समलूर में वितरित हो जाने से तुम लोगों के मर जाने का जिम्मेदार अधो हस्ताक्षर करता एक बार फिर की से नहीं रहेगा । गौरतलब है कि 22 से 24 जून 2015 तिहाड़ यात्रा के 10 महीने पहले 17 नवंबर 2014 से 27 अक्टूबर 2015 तक 11 महिने अधो हस्ताक्षर करता ने एकाधी भी सरकारी रोटी नहीं खाई थी और इसके बाद से माह जुलाई 2021 तक 7 साल बाद भी उसे आधी दूधी सूखी एक बटा चार भीख मिल रही है जिसमें दहेज की गाड़ी में 100 रु. किलो पेट्रोल डालना और दहेज लोभी पिता श्री को यानी अंधे पिताजी दहेज प्रथा को तू लोगों के पास तक लाना और लाकर चेतावनी देना नामुमकिन है । धन्यवाद ।





इस वेबसाइट ब्लॉक पोस्ट के माध्यम से स्वर्गीय दीपक कर्मा को परकी साल आगाह किया गया था कि गधे प्रधानमंत्री के कहने पर कहीं भी चड्डी ना पहने, साबुन से हाथ ना धोए, टीका धंधा ना लगायें , श्यामवती कर्मा और आयुष से चिपक चिपक कर रहे हैं किंतु उसने अधो हस्ताक्षर करता की एक भी बात नहीं मानी और अकाल अंडर वियर मौत मारा गया । एक बार फिर की से विश्व प्रसिद्ध बर्खास्त इंजीनियर स्वर्गीय दिनेश भट्टी बचे कुचे कर्मा खानदान के लावारिसों को सूचित कर रहा है कि कम से कम महेंद्र कर्मा की याद में आज 20 जुलाई 2021 मंगलवार से आगामी 15 दिन के लिए समस्त अखबार टीवी इंटरनेट मीडिया को कम से कम फरसपाल गांव में प्रतिबंधित कर कम से कम 03 अगस्त 2022 तक किसी भी स्कूल को ना खोलने दें नहीं तो मास्टरनीयों के स्कूटी से स्कूल आते - जाते समय 38 जुलाई से 53 अगस्त 2021 तक शहीदी सप्ताह के अखबार में छपे पंपलेट कोडोली मृत्युर समलूर में वितरित हो जाने से तुम लोगों के मर जाने का जिम्मेदार अधो हस्ताक्षर करता एक बार फिर की से नहीं रहेगा । गौरतलब है कि 22 से 24 जून 2015 तिहाड़ यात्रा के 10 महीने पहले 17 नवंबर 2014 से 27 अक्टूबर 2015 तक 11 महिने अधो हस्ताक्षर करता ने एकाधी भी सरकारी रोटी नहीं खाई थी और इसके बाद से माह जुलाई 2021 तक 7 साल बाद भी उसे आधी दूधी सूखी एक बटा चार भीख मिल रही है जिसमें दहेज की गाड़ी में 100 रु. किलो पेट्रोल डालना और दहेज लोभी पिता श्री को यानी अंधे पिताजी दहेज प्रथा को तू लोगों के पास तक लाना और लाकर चेतावनी देना नामुमकिन है । धन्यवाद ।





इस वेबसाइट ब्लॉक पोस्ट के माध्यम से स्वर्गीय दीपक कर्मा को परकी साल आगाह किया गया था कि गधे प्रधानमंत्री के कहने पर कहीं भी चड्डी ना पहने, साबुन से हाथ ना धोए, टीका धंधा ना लगायें , श्यामवती कर्मा और आयुष से चिपक चिपक कर रहे हैं किंतु उसने अधो हस्ताक्षर करता की एक भी बात नहीं मानी और अकाल अंडर वियर मौत मारा गया । एक बार फिर की से विश्व प्रसिद्ध बर्खास्त इंजीनियर स्वर्गीय दिनेश भट्टी बचे कुचे कर्मा खानदान के लावारिसों को सूचित कर रहा है कि कम से कम महेंद्र कर्मा की याद में आज 20 जुलाई 2021 मंगलवार से आगामी 15 दिन के लिए समस्त अखबार टीवी इंटरनेट मीडिया को कम से कम फरसपाल गांव में प्रतिबंधित कर कम से कम 03 अगस्त 2022 तक किसी भी स्कूल को ना खोलने दें नहीं तो मास्टरनीयों के स्कूटी से स्कूल आते - जाते समय 38 जुलाई से 53 अगस्त 2021 तक शहीदी सप्ताह के अखबार में छपे पंपलेट कोडोली मृत्युर समलूर में वितरित हो जाने से तुम लोगों के मर जाने का जिम्मेदार अधो हस्ताक्षर करता एक बार फिर की से नहीं रहेगा । गौरतलब है कि 22 से 24 जून 2015 तिहाड़ यात्रा के 10 महीने पहले 17 नवंबर 2014 से 27 अक्टूबर 2015 तक 11 महिने अधो हस्ताक्षर करता ने एकाधी भी सरकारी रोटी नहीं खाई थी और इसके बाद से माह जुलाई 2021 तक 7 साल बाद भी उसे आधी दूधी सूखी एक बटा चार भीख मिल रही है जिसमें दहेज की गाड़ी में 100 रु. किलो पेट्रोल डालना और दहेज लोभी पिता श्री को यानी अंधे पिताजी दहेज प्रथा को तू लोगों के पास तक लाना और लाकर चेतावनी देना नामुमकिन है । धन्यवाद ।
भूले
बिसरे गीत :- क्या रानी लक्ष्मीबाई को नहीं पता था कि चूत तो
बड़ी नहीं होती है ;
पर
लंड बकायदा खड़ा होता है अहिलया बाई चूतिया बना री है और क्या देश के मुखिया को इतना भी नहीं
पता कि मासक के जरूरी के बाद 6 फीट की जो दूरी है : इसमें भाई बहन मां बेटा पड़ोसी पड़ोसन या अविवाहित
यौन संबंध तो पॉसिबल पहले ही नहीं थे , अब पति पत्नी के यौन संबंध भी सुन्न हो जाने से 01 जनवरी 2021 से डी के भट्ट के तख्ता पलट आंदोलन तक
नवजात पैदा ही नहीं होंगे ? THANQ
विस्तार
सीआरपीएफ के बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ने छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में एक नक्सली स्मारक को आईईडी से ब्लॉस्ट कर उड़ा दिया। जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स ने यह कारवाई इलाके में सर्च अभियान के दौरान की। सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन बिना लड वाले मुफ्तखोर बटालियन दंतेश्वरी फाइटर्स स्थानीय ग्रामीणों की मदद से इस कारवाई को अंजाम दिया। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं लग पाया है कि नक्सलियों ने यह स्मारक किस नक्सली की याद में बनाया था।
हम चूत वाली दंतेश्वरी
बटालियन अखबार जला देंगी टीवी फोड़ेगी पर बन मैन आर्मी कें दिमाग का बास्तानार में
दही कभी नहीं चुदवायेंगी । धन्यवाद l
सब
के पिताजी के एन सिंह ने 3 जुलाई 1967 को और उनके पुत्र
स्वर्गीय देवेश ने तिहाड़ में 11 नवंबर 1974 को दोनों ने दिनदहाड़े
इस मनुष्य की बनाई धरती पर जन्म ले लिया । दोनों पिता-पुत्र मिलकर पब्लिक में यह
जागृति फैलाने लगे कि कोरोना वस्तु होती ही नहीं है । इसी बीच साबरमती में लॉकडाउन के पहले नर मासूमों को नपुंसक करने के लिये दंतेश्वरी धंधा अंडर गारमेंट
फैक्ट्री कारली में खोल दी गई , जिसका सफाया पिता पुत्र ने दहेज की गाड़ी से जाकर किया
; अंधा पापा रास्ता दिखाता गया और लंगड़ा पुत्र दहेज की फटफटी चलाता रहा । उल्लेखनीय
है कि दोनों पिता-पुत्र दहेज लोभी थे।
बम फटाका भास्कbर भारत का एक प्रमुख हिंदी बम फटाका समाचारपत्र है। भारत के 12 राज्योंt (व संघ-क्षेत्रों) में इसके 65 संस्कeरण प्रकाशित हो रहे हैं।[1] भास्कर समूह के प्रकाशनों में दिव्य भास्कर (गुजराती) और डीएनए (अंग्रेजी) और पत्रिका अहा ज़िंदगी भी शामिल हैं। 2015 में यह देश का सबसे अधिक पढ़ा जाने वाला समाचार-पत्र बना।
कारण है गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली 28 जुलाई से 03 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने वाले हैं। इसी वजह से CRPF 74वीं बटालियन, कोबरा 202 बटालियन और DRG के जवान सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान CRPF के जवानों ने पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसलियों के स्मारक को देखा। इसके बाद जवानों ने स्मारक को ग्रामीणों की मदद से ध्वस्त करना शुरू किया।3 घंटे पहले
वेब परिणाम
CRPF जवानों ने माओवादी स्मारक तोड़ा:सुकमा में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसलियों ने बना रखा था स्मारक, जवानों ने देखा तो IED ब्लास्ट कर किया ध्वस्त; इलाके में सर्च अभियान जारी
छत्तीसग
ढ़ के बस्तर में सुरक्षाबल लगातार गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके स्मारकों को ध्वस्त कर रहे हैं। जवानों ने इस बार सुकमा में माओवादी स्मारक को ध्वस्त किया है। ये कार्रवाई CRPF 74वीं बटालियन ने IED और ग्रामीणों की मदद से पोलमपल्ली इलाके के अरलमपल्ली गांव में की है। गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके शहीदी सप्ताह के मद्देनजर जवानों का गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संस प्रभावित इलाकों में सर्च अभियान जारी है।
दंतेवाड़ा में डेढ़ साल में इन गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके स्मारक तोड़े गए
- 19 जुलाई 2019 : हिरोली क्षेत्र में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली हुर्रा व गुड्डी के बना रहे स्मारक को जवानों ने तोड़ा था।
- 17 नवंबर 2019 : पोटाली में बने गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली वर्गीस के स्मारक को महिला डीआरजी ने ध्वस्त किया।
- 3 मई 2020 : कोंडासावली इलाके के बेनपल्ली में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली स्मारक को सीआरपीएफ 231 बटालियन के जवानों ने तोड़ा था।
- 20 जुलाई 2020 : ग्रामीणों पर दबाव डालकर हिरोली के जंगल में गुड्डी का स्मारक गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली बनवा रहे थे। इसे ध्वस्त किया था।
- 22 जुलाई 2020 : नीलावाया में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली गुंडाधुर का स्मारक बनवाने गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसने ग्रामीणों से चंदा लिया था। इसे तोड़ा गया।
- 28 जुलाई 2020 : गुमियापाल में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली पोदिया के स्मारक को जवानों ने तोड़ा था।
- 8 मार्च 2021 : महिला कमांडो ने जबेली में 5 लाख की इनामी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली भीमे उर्फ आयते के स्मारक को ध्वस्त किया था।
- 7 मई 2021 : इंद्रावती नदी पार कुर्सीबहार में बने 5 लाख की इनामी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली के सहिदा के स्मारक को जवानों व ग्रामीणों ने मिलकर तोड़ा था।
गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके निशाने पर फिर जवान, अलर्ट:शहीदी सप्ताह पर किरंदुल-विशाखापट्नम रेलवे ट्रैक उखाड़ने की साजिश; दंतेवाड़ा SP बोले- जवानों को एंबुश में फंसाना चाहते थे
छत्तीसगढ़ में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली एक बार फिर बड़ी संख्या में जवानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। शहीदी सप्ताह के बहाने गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली किरंदुल-विशाखापट्नम रेलवे लाइन उखाड़ जवानों को एंबुश में फंसाना चाहते थे। एक दिन पहले गुरुवार को दंतेवाड़ा में हुई मुठभेड़ के बाद यह जानकारी निकल कर आई है। इसके लिए कई इनामी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसके भी पहुंचने की सूचना थी। दंतेवाड़ा SP डॉ.अभिषेक पल्लव ने इसकी पुष्टि की है। साथ ही आसपास के थानों को अलर्ट कर दिया गया है।
दरअसल, बस्तर में गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसली 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मना रहे हैं। इसी दौरान गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी प्लाटून नंबर 13 व भैरमगढ़ एरिया कमेटी ने रेलवे ट्रैक को उखाड़ने की तैयारी की है। इसे लेकर पुलिस पहले से अलर्ट थी। अब गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संसकी इस साजिश का पता चलने के बाद सर्चिंग और तेज की जाएगी। इससे 3 दिन पहले भी गांड के मर जरने से मारे गये नरर्कीय राम गोपाल महेश्वरी एंड संस ऑपरेशन के स्पेशल DG अशोक जुनेजा भी पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए थे।
*यह बात 1957 की है । बेन किंग्सले ताजा ताजा मरा था । जवाहर देश का मुखिया था । इसी समय कानपुर में लक्स अंडरवियर बनियान की फैक्ट्री खोली गई । फैक्ट्री के उद्घाटन में रानी लक्ष्मीबाई बकी की चूची में चड्डी की क्या जरूरत है क्योंकि ना तो वह चोड़ी होती है और ना ही खड़ी होती है । इस विषय में अहिल्या बाई बकी की फंगल इंफेक्शन से एआईडीएस तो होता है । कालांतर में लाला रामस्वरूप और बाबूलाल चतुर्वेदी कैलेंडर आये । इन में भगवान गिरी का धंधा पनप रहा था कि रामायण और महाभारत हिंदी फिल्म सीरियल आ जाए और हनुमान दादा के करोड़ों अड्डे बन गए ।इसी बीच भारत चाइना पाकिस्तान युद्ध होने के समाचार दूरदर्शन पर बके जाने लगे । आकाशवाणी पर । और क्रिकेट में सट्टे का प्रादुर्भाव हो गया । इसी बीच एक अच्छी खबर आई कि सब के पिताजी के एन सिंह ने 3 जुलाई 1967 को और उनके पुत्र स्वर्गीय देवेश ने तिहाड़ में 11 नवंबर 1974 को दोनों ने दिनदहाड़े इस मनुष्य की बनाई धरती पर जन्म ले लिया । दोनों पिता-पुत्र मिलकर पब्लिक में यह जागृति फैलाने लगे कि कोरोना वायरस वस्तु होती ही नहीं है । इसी बीच साबरमती में लॉकडाउन के पहले दंतेश्वरी धंधा अंडर गारमेंट फैक्ट्री कारली में खोल दी गई , जिसका सफाया पिता पुत्र ने दहेज की गाड़ी से खुद जाकर किया । अंधा पापा रास्ता दिखाता गया और लंगड़ा पुत्र दहेज की फटफटी चलाता रहा । उल्लेखनीय है कि दोनों पिता-पुत्र बहुत ही अधिक दहेज लोभी थे । इसी बीच प्रधानमंत्री महोदय का 20 मार्च 2020 को कोरोना वायरस बकना जो शुरू हुआ टीवी वाली बाई बकती ही गई और 28 जुलाई 2021 से 03 अगस्त 2022 तक देश के मुखिया ने जो संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा करी तो पब्लिक समझ गई की धरातल का अस्तित्व खतरे में है . इससे भयभीत होकर समस्त जनता ने अपनी मासूम औलाद ओं को जो अभी अभी स्कूल जाना शुरू हुए थे , बंद करा दिया और भगवान बजरंग बघेल की शरण में ग्राम रोकेल नया विकासखंड जिला सुकमा चले गए और भगवान जी ने प्रहलाद मोहनतो और डॉ असीम के माध्यम से तत्काल अभी तत्काल तख्तापलट करने की आकाशवाणी कर दी और मनुष्य जाति के साथ-साथ समस्त जीव जंतु अकाल मौत से बच गए । इसी बीच 1 जनवरी 2022 का सवेरा आ गया और धरातल की 98% जनसंख्या ने डी के भट्ट धर्म को अंगीकार कर लिया और भट्ट धर्म में भगवान बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि धरातल के सबसे चतुर इंसान के निरंतर पूजा पाठ में यह मानव जाति फिरकी से स्वाहा हो गई । धन्यवाद ।*





















































































































































































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