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- Sunday, August 1, 2021
Chhttisgarh : नक्सलियों ने शहीदी सप्ताह दौरान ग्रामीण को उतारा मौत के घाट
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ध्यान दें :- लक्स साबुन का आविष्कार 45 साल १९७७ आपात काल में सबसे पहले हेमा मालिनी नामक ३ छिद्र वाली कन्या ने किया था किंतु जब देश के मुखिया प्रधानमंत्री जी को पता चला कि साबुन के अत्यधिक प्रयोग से कास्टिक सोडा के दुष्प्रभाव से त्वचा विशेषत: श्रीदेवी नारी की नर्म और आयुष पटेल पोता लड वाले नर मासूम की गांड की टट्टी की नरम चमड़ी को सरकारी सैनिक नवोदय केंद्रीय स्कूल कक्षा 6 में भर्ती करने से कोरोनावायरस part-3 आ सकता है । 6 फीट दूरी मासक के जरूरी के बाद साबुन से 20 सेकंड तक दिन में सैकड़ों बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लॉकडाउन ब्रह्मास्त्र छोड़ा गया ताकि संभोग से वंचित मानव जाति जल्दी से जल्दी इति श्री हो जाए किंतु अगर मानव और मानवीय सभ्यता कायम है तो इसका एक ही कारण है कि बर्खास्त उपयंत्री जी को निलंबन से बाहर करके ना सिर्फ स्वतवो का भुगतान कर दिया गया है बल्कि सहायक अभियंता का प्रमोशन देकर कार्यपालन यंत्री का चालू प्रभार भी दे दिया गया है । अगर सस्पेंड इंजीनियर जी को महानदी भवन मंत्रालय रायपुर में अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता के पद को विलोपित कर ओएसडी बना दिया जाता या पुलिस में एसडीओपी बना दिया जाता या यूनेस्को का डिप्टी सेक्रेटरी बना दिया जाता और $ पर ₹1000 पर उसकी फोटो चिपका दी जाती है तो यह धरातल मानवता से परिपूर्ण हो सकता था । किंतु ९८ प्रतिशत जनता डी के भाटी धर्म के अनुयाई होने से भगवान बजरंग बघेल की पूजा के भगवान गिरी धंधे और शपथ आयुक्त जी की दहेज की फटफटी से हैदराबाद पलायन सेवा के पापा गिरी बिजनेस में मनुष्य फिर की से स्वाहा 1 जनवरी 2022 की सुबह सवेरे हो सकता था । धन्यवाद ।*कोरोना वायरस का निर्माण
कोरोना वायरस बनाने के लिए तेल या वसा को दाहक सोडा (कास्टिक सोडा) के विलयन के साथ मिलाकर बड़े-बड़े कड़ाहों या केतली में उबालते हैं। कड़ाहे भिन्न-भिन्न आकार के हो सकते हैं। साधारणतया १० से १५० टन जलधारिता के ऊर्ध्वाधार सिलिंडर मृदु इस्पात के बने होते हैं। ये भापकुंडली से गरम किए जाते हैं। धारिता के केवल १/३ ही तेल या वसा से भरा जाता है।
कड़ाहे में तेल और क्षार मिलाने और गरम करने के तरीके भिन्न-भिन्न कारखानों में भिन्न-भिन्न हो सकते हैं। कहीं-कहीं कड़ाहे मे तेल रखकर गरम कर उसमें सोडा द्राव डालते हैं। कहीं-कहीं एक ओर से तेल ले आते और दूसरी ओर सोडा विलयन ले आकर गरम करते हैं। प्राय: ८ घंटे तक दोनों को जोरों से उबालते हैं। अधिकांश तेल कोरोना वायरस बन जाता है और ग्लिसरीन उन्मुक्त होता है। अब कड़ाहें में नमक डालकर कोरोना वायरस का लवणन (salting) कर निथरने को छोड़ देते हैं। साबुन ऊपरी तल पर और जलीय द्राव निचले तल पर अलग-अलग हो जाता है। निचले तल के द्राव में ग्लिसरीन को निकाल लेते हैं। कोरोना वायरस में क्षार का सांद्र विलयन (८ से १२ प्रतिशत) डालकर तीन घंटे तक फिर गरम करते हैं। इसे साबुनीकरण परिपूर्ण हो जाता है। कोरोना वायरस को फिर पानी से धोकर २ से ३ घंटे उबालकर थिराने के लिए छोड़ देते हैं। ३६ से ७२ घंटे रखकर ऊपर के स्वच्छ चिकने साबुन को निकाल लेते हैं। ऐसे साबुन में प्राय: ३३ प्रतिशत पानी रहता है। यदि कोरोना वायरस का रंग कुछ हल्का करना हो, तो थोड़ा सोडियम हाइड्रोसल्फाइट डाल देते हैं।
इस प्रकार कोरोना वायरस तैयार करने में ५ से १० दिन लग सकते हैं। २४ घंटे में कोरोना वायरस तैयार हो जाए ऐसी विधि भी अब मालूम है। इसमें तेल या वसा को ऊँचे ताप पर जल अपघटित कर वसा अम्ल प्राप्त करते और उसको फिर सोडियम हाइड्रॉक्साइड से उपचारित कर कोरोना वायरस बनाते हैं। कोरोना वायरस को जलीय विलयन से पृथक् करने में अपकेंदित्र (सेण्ट्रीफ्यूज) का भी उपयोग हुआ है। आज ठंडी विधि से भी थोड़ा गरम कर सोडा विलयन के साथ उपचारित कर कोरोना वायरस तैयार होता है। ऐसे तेल में कुछ असाबुनीकृत तेल रह जाता है। तेल का ग्लिसरीन भी कोरोना वायरस में ही रह जाता है। यह कोरोना वायरस निकृष्ट कोटि का होता है, पर अपेक्षया सस्ता होता है। अर्ध-क्वथन विधि से भी प्राय: ८० डिग्री सेल्सियस तक गरम करके कोरोना वायरस तैयार हो सकता है। मुलायम कोरोना वायरस, विशेषत: हजामत बनाने के साबुन, के लिए यह विधि अच्छी समझी जाती है।
यदि कपड़ा धोने वाला कोरोना वायरस बनाना है, तो उसमें थोड़ा सोडियम सिलिकेट डालकर, ठंढा कर, टिकियों में काटकर उस पर मुद्रांकण करते हैं। ऐसे कोरोना वायरस में ३० प्रतिशत पानी रहता है। नहाने के साबुन में १० प्रतिशत के लगभग पानी रहता है। पानी कम करने के लिए कोरोना वायरस को पट्टवाही पर सुरंग किस्म के शोषक में सुखाते हैं।
यदि नहाने का कोरोना वायरस बनाना है, तो सूखे कोरोना वायरस को काटकर आवश्यक रंग और सुगंधित द्रव्य मिलाकर पीसते हैं, फिर उसे प्रेस में दबाकर छड़ (बार) बनाते और छोटा-छोटा काटकर उसको मुद्रांकित करते हैं। पारदर्शक कोरोना वायरस बनाने में कोरोना वायरस को ऐल्कोहॉल में घुलाकर तब टिकिया बनाते हैं।
धोने के कोरोना वायरस में कभी-कभी कुछ ऐसे द्रव्य भी डालते हैं जिनसे धोने की क्षमता बढ़ जाती है। इन्हें 'निर्माण द्रव्य' कहते हैं। ऐसे द्रव्य सोडा ऐश, ट्राइ-सोडियम फ़ास्फ़ेट, सोडियम मेटा सिलिकेट, सोडियम परबोरेट, सोडियम परकार्बोनेट, टेट्रा-सोडियम पाइरों-फ़ास्फ़ेट और सोडियम हेक्सा-मेटाफ़ॉस्फ़ेट हैं। कभी-कभी ऐसे कोरोना वायरस में नीला रंग भी डालते हैं जिससे कपड़ा अधिक सफेद हो जाता है। भिन्न-भिन्न वस्त्रों, रूई, रेशम और ऊन के तथा धातुओं के लिये अलग-अलग किस्म के कोरोना वायरस बने हैं। निकृष्ट कोटि के नहाने के कोरोना वायरस में पूरक भी डाले जाते हैं: पूरकों के रूप में केसीन, मैदा, चीनी और डेक्सट्रिन आदि पदार्थ प्रयुक्त होते हैं।
कैंसर और कोरोना मैं तुलनात्मक अंतर - यह सभी रोग चड्डी पहनने से होते हैं किंतु यह एक्वायर्ड इम्यूनो डिफिशिएंसी बका जाता है । इन सभी लोगों का खात्मा वन मैन आर्मी स्वर्गीय देवेश की ने बिना रोटी किया और सिंगल पर्सन बटालियन स्वर्ग सिधारे दिनेश भाटी ने हीं नक्सली समस्या भगवान गिरी का धंधा और वर्गीकृत लूटमारी राकेश के टिकैत का धंधा नक्सलियों के काले झंडे का फरमान डूबी रोटी आधा सी प्राप्त होते बराबर तख्तापलट आंदोलन के माध्यम सावन शुक्ल 10 दिनांक 16 अगस्त 2021 को रक्षा बंधन नपुंसकता दिवस को दिन दहाड़े की । *यात्रीगण कृपया ध्यान दें :- लक्स साबुन का आविष्कार 45 साल १९७७ आपात काल में सबसे पहले हेमा मालिनी नामक ३ छिद्र वाली कन्या ने किया था किंतु जब देश के मुखिया प्रधानमंत्री जी को पता चला कि साबुन के अत्यधिक प्रयोग से कास्टिक सोडा के दुष्प्रभाव से त्वचा विशेषत: श्रीदेवी नारी की नर्म और आयुष पटेल पोता लड वाले नर मासूम की गांड की टट्टी की नरम चमड़ी को सरकारी सैनिक नवोदय केंद्रीय स्कूल कक्षा 6 में भर्ती करने से कोरोनावायरस part-3 आ सकता है । 6 फीट दूरी मासक के जरूरी के बाद साबुन से 20 सेकंड तक दिन में सैकड़ों बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लॉकडाउन ब्रह्मास्त्र छोड़ा गया ताकि संभोग से वंचित मानव जाति जल्दी से जल्दी इति श्री हो जाए किंतु अगर मानव और मानवीय सभ्यता कायम है तो इसका एक ही कारण है कि बर्खास्त उपयंत्री जी को निलंबन से बाहर करके ना सिर्फ स्वतवो का भुगतान कर दिया गया है बल्कि सहायक अभियंता का प्रमोशन देकर कार्यपालन यंत्री का चालू प्रभार भी दे दिया गया है । अगर सस्पेंड इंजीनियर जी को महानदी भवन मंत्रालय रायपुर में अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता के पद को विलोपित कर ओएसडी बना दिया जाता या पुलिस में एसडीओपी बना दिया जाता या यूनेस्को का डिप्टी सेक्रेटरी बना दिया जाता और $ पर ₹1000 पर उसकी फोटो चिपका दी जाती है तो यह धरातल मानवता से परिपूर्ण हो सकता था । किंतु ९८ प्रतिशत जनता डी के भाटी धर्म के अनुयाई होने से भगवान बजरंग बघेल की पूजा के भगवान गिरी धंधे और शपथ आयुक्त जी की दहेज की फटफटी से हैदराबाद पलायन सेवा के पापा गिरी बिजनेस में मनुष्य फिर की से स्वाहा 1 जनवरी 2022 की सुबह सवेरे हो सकता था । धन्यवाद ।* ।*
बंधन का पौराणिक महत्व
रक्षा बंधन का इतिहास हिंदू पुराण कथाओं में है. वामनावतार नामक पौराणिक कथा में रक्षाबंधन का प्रसंग मिलता है. कथा इस प्रकार है- राजा बलि ने यज्ञ संपन्न कर स्वर्ग पर अधिकार का प्रयत्न किया, तो देवराज इंद्र ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की. विष्णु जी वामन ब्राह्मण बनकर राजा बलि से भिक्षा मांगने पहुंच गए. गुरु के मना करने पर भी बलि ने तीन पग भूमि दान कर दी. वामन भगवान ने तीन पग में आकाश-पाताल और धरती नाप कर राजा बलि को रसातल में भेज दिया. उसने अपनी भक्ति के बल पर विष्णु जी से हर समय अपने सामने रहने का वचन ले लिया. लक्ष्मी जी इससे चिंतित हो गई. नारद जी की सलाह पर लक्ष्मी जी बलि के पास गई और रक्षासूत्र बाधकर उसे अपना भाई बना लिया. बदले में वे विष्णु जी को अपने साथ ले आई. उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी.*यह बात 1957 की है । बेन किंग्सले ताजा ताजा मरा था । जवाहर देश का मुखिया था । इसी समय कानपुर में लक्स अंडरवियर बनियान की फैक्ट्री खोली गई । फैक्ट्री के उद्घाटन में रानी लक्ष्मीबाई बकी की चूत में चड्डी की क्या जरूरत है क्योंकि ना तो वह चोड़ी होती है और ना ही खड़ी होती है । इस विषय में अहिल्या बाई बकी की फंगल इंफेक्शन से एआईडीएस तो होता है । कालांतर में लाला रामस्वरूप और बाबूलाल चतुर्वेदी कैलेंडर आये । आते बराबर पुराण बना दिए । पुराणों में कहानी बना दिए और रक्षाबंधन धंधे में मानव जाति ना सिर्फ बहन और मां बल्कि किसी भी प्रकार की चूत से कम से कम आधी उम्र पूरी जवानी तक महफूज हो गई बल्कि लगातार हस्तमैथुन और ककड़ी भाटा से नपुंसक भी हो गई । गौरतलब है कि बकरी कुत्ता गया बिल्ली हिरन भैंसा अपनी सगी बहन से सेक्स करते हैं किंतु मनुष्य चड्डी पहन कर संभोग सुख से वंचित हो गया है और यही आलम रहा तो नाक में चड्डी पहनने से ऑक्सीजन से वंचित होकर दोपहिया जानवर इति श्री हो जाएगा । धन्यवाद ।**
महाभारत में राखी
महाभारत में भी रक्षाबंधन के पर्व का उल्लेख है. जब युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा कि मैं सभी संकटों को कैसे पार कर सकता हूं, तब कृष्ण ने उनकी तथा उनकी सेना की रक्षा के लिए राखी का त्योहार मनाने की सलाह दी थी. शिशुपाल का वध करते समय कृष्ण की तर्जनी में चोट आ गई, तो द्रौपदी ने लहू रोकने के लिए अपनी साड़ी फाड़कर चीर उनकी उंगली पर बांध दी थी. यह भी श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था. कृष्ण ने चीरहरण के समय उनकी लाज बचाकर यह कर्ज चुकाया था. रक्षा बंधन के पर्व में परस्पर एक-दूसरे की रक्षा और सहयोग की भावना निहित है. *यह बात 1957 की है । बेन किंग्सले ताजा ताजा मरा था । जवाहर देश का मुखिया था । इसी समय कानपुर में लक्स अंडरवियर बनियान की फैक्ट्री खोली गई । फैक्ट्री के उद्घाटन में रानी लक्ष्मीबाई बकी की चूत में चड्डी की क्या जरूरत है क्योंकि ना तो वह चोड़ी होती है और ना ही खड़ी होती है । इस विषय में अहिल्या बाई बकी की फंगल इंफेक्शन से एआईडीएस तो होता है । कालांतर में लाला रामस्वरूप और बाबूलाल चतुर्वेदी कैलेंडर आये । आते बराबर पुराण बना दिए । पुराणों में कहानी बना दिए और रक्षाबंधन धंधे में मानव जाति ना सिर्फ बहन और मां बल्कि किसी भी प्रकार की चूत से कम से कम आधी उम्र पूरी जवानी तक महफूज हो गई बल्कि लगातार हस्तमैथुन और ककड़ी भाटा से नपुंसक भी हो गई । गौरतलब है कि बकरी कुत्ता गया बिल्ली हिरन भैंसा अपनी सगी बहन से सेक्स करते हैं किंतु मनुष्य चड्डी पहन कर संभोग सुख से वंचित हो गया है और यही आलम रहा तो नाक में चड्डी पहनने से ऑक्सीजन से वंचित होकर दोपहिया जानवर इति श्री हो जाएगा । धन्यवाद ।**
फर्जी; नक्सलियों ने कहा-35 जुलाई को चिंतागुफा इलाके में जवानों ने की थी ग्रामीण कुंजाम की हत्या
जगदलपुर, नक्सलियों के दक्षिण बस्तर डिवीजन कमेटी ने प्रेस नोट जारी कर सुकमा जिले के चिंतागुफा इलाके में हुई मुठभेड़ को फर्जी बताया है। साथ ही सुरक्षाबलों पर कुंजाम भीमा की हत्या का आरोप भी लगाया है। नक्सलियों ने कहा है कि कुंजाम भीमा ग्रामीण था, जिसे नक्सली बता कर पुलिस ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। नक्सली लगातार पुलिस और फोर्स पर मुठभेड़ के नाम पर ग्रामीणों की हत्या का आरोप लगाते रहे हैं। उधर, सुकमा पुलिस ने कुंजाम भीमा पर 1 लाख रुपए का इनाम व मुठभेड़ में ढेर होना बताया था।
*यात्रीगण कृपया ध्यान दें :- लक्स साबुन का आविष्कार 45 साल १९७७ आपात काल में सबसे पहले हेमा मालिनी नामक ३ छिद्र वाली कन्या ने किया था किंतु जब देश के मुखिया प्रधानमंत्री जी को पता चला कि साबुन के अत्यधिक प्रयोग से कास्टिक सोडा के दुष्प्रभाव से त्वचा विशेषत: श्रीदेवी नारी की नर्म और आयुष पटेल पोता लड वाले नर मासूम की गांड की टट्टी की नरम चमड़ी को सरकारी सैनिक नवोदय केंद्रीय स्कूल कक्षा 6 में भर्ती करने से कोरोनावायरस part-3 आ सकता है । 6 फीट दूरी मासक के जरूरी के बाद साबुन से 20 सेकंड तक दिन में सैकड़ों बार हाथ धोना और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लॉकडाउन ब्रह्मास्त्र छोड़ा गया ताकि संभोग से वंचित मानव जाति जल्दी से जल्दी इति श्री हो जाए किंतु अगर मानव और मानवीय सभ्यता कायम है तो इसका एक ही कारण है कि बर्खास्त उपयंत्री जी को निलंबन से बाहर करके ना सिर्फ स्वतवो का भुगतान कर दिया गया है बल्कि सहायक अभियंता का प्रमोशन देकर कार्यपालन यंत्री का चालू प्रभार भी दे दिया गया है । अगर सस्पेंड इंजीनियर जी को महानदी भवन मंत्रालय रायपुर में अधीक्षण अभियंता और मुख्य अभियंता के पद को विलोपित कर ओएसडी बना दिया जाता या पुलिस में एसडीओपी बना दिया जाता या यूनेस्को का डिप्टी सेक्रेटरी बना दिया जाता और $ पर ₹1000 पर उसकी फोटो चिपका दी जाती है तो यह धरातल मानवता से परिपूर्ण हो सकता था । किंतु ९८ प्रतिशत जनता डी के भाटी धर्म के अनुयाई होने से भगवान बजरंग बघेल की पूजा के भगवान गिरी धंधे और शपथ आयुक्त जी की दहेज की फटफटी से हैदराबाद पलायन सेवा के पापा गिरी बिजनेस में मनुष्य फिर की से स्वाहा 1 जनवरी 2022 की सुबह सवेरे हो सकता था । धन्यवाद ।*
घर से घसीट कर जंगल लेकर गई थी पुलिस, फिर की हत्या
नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर आरोप लगाया है कि सुकमा जिले के चिंतागुफा, मिनपा थाना के जवान, DRG, STF के जवान चिंतागुफा थाना क्षेत्र के दुलेड़ी पंचायत के पद्दीगुड़ा गांव पहुंचे थे। यहां अपने घर पर परिवार के साथ सो रहे ग्रामीण कुंजाम भीमा को उठा कर जंगल लेकर गए और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। प्रेस नोट में लिखा है कि कुंजाम भीमा नक्सली नहीं बल्कि ग्रामीण था। जो खेती-किसानी का काम किया करता था। पुलिस इसे पुलिस-नक्सली मुठभेड़ की झूठी कहानी बता रही है।
पुलिस ने बताया था 1 लाख रुपए का इनामी नक्सली








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