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सुकमा साल भर में 160 भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी की मौत 04-Jul-2021 6:30 PM (32) 28 जुलाई से 3 अगस्त तक मनाएंगे शहीद स्मृति सप्ताह भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी के केंद्रीय कमेटी ने जारी किया प्रेस नोट ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता दोरनापाल, 4 जुलाई। पिछले एक साल में कुल 160 भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी की मौत हुई है, इनमें मारे गए 27 भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी का विवरण नहीं है। भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी के केंद्रीय कमेटी ने इस संबंध में प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें 160 साथियों की याद में श्रद्धांजलि देने 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी स्मृति सप्ताह मनाने का आह्वान किया है।

 

सुकमा

28 जुलाई से 3 अगस्त तक मनाएंगे शहीद स्मृति सप्ताह 

भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी के केंद्रीय कमेटी ने जारी किया प्रेस नोट

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दोरनापाल,  4 जुलाई। 
पिछले एक साल में कुल 160 भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी की मौत हुई है, इनमें मारे गए 27 भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी का विवरण नहीं है। भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी के केंद्रीय कमेटी ने इस संबंध में प्रेस नोट जारी किया है, जिसमें 160 साथियों की याद में श्रद्धांजलि देने 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी स्मृति सप्ताह मनाने का आह्वान किया है।

प्रेस नोट में उल्लेख है कि सबसे ज्यादा दंडकारण्य में 101 माओवादियों की मौत हुई है। बिहार-झारखंड में 11, ओडिशा में 14, एमएमसी में 8, ओडिशा आंध्र सीमा में 11, तेलंगाना में 14 और पश्चिमी घाटी में 1 माओवादी की मौत हुई है। एक साल में कुल 30 महिला माओवादियों की मौत हुई है। दुर्घटना में 5 और बीमारी से हरिभूषण समेत 13 माओवादियों की मौत हुई है। एक साल में हुए विभिन्न मुठभेड़ों में 95 माओवादी मारे गए।

प्रेस नोट में उल्लेख है कि विगत साल भर में देश भर में हमारी पार्टी, पीएलजीए, जन निर्माणों के कुल 160 कॉमरेड शहीद हुए. इनमें से बिहार-झारखंड में 11, दंडकारण्य में 101, ओडिशा में 14, महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) में 8, आंध्र-ओडिशा सीमा क्षेत्र में 11, पश्चिम घाटी में 1, तेलंगाना में 14 कॉमरेड शहीद हुए। इनमें से महिला कॉमरेडों की संख्या 30 है। शहीद कॉमरेडों में एक केंद्रीय कमेटी सदस्य, तेलंगाना एसजडसी सचिव, कामरेड यापा नारायणा (लक्मु, हरभिूषण), एक एसजडसी सदस्य कॉमरेड पवन (दंडकारण्य); 10 डीवीसी/सीवायपीसी सदस्य - कॉमरेड संतोष यादव(आलोक, जोनल कमांडर-बीजे), अमरेश भोक्ता(जोनल कमांडर-गया, बीजे), कॉमरेड आत्रम सुरेश(अजित, सेंट्रल इंस्ट्रक्टर), कॉमरेड मनीराम वेड्दा(सोमजी, डिविजनल कमांडर इन चीफ, डीके), कॉमरेड हीरासिंह कुम्मेटी (वर्गेश, डीवीसीएम-डीके), कॉमरेड रुकनी(निर्मला, डीवीसीएम-घुमसर एरिया प्रभारी, ओएस), कामरेड रविंद्रर (डीवीसीएम, ओएस) कॉमरेड गड्डम मधुकर (शोभराय, डीवीसीएम, दक्षिण सब जोन कम्युनिकेशन टीम प्रभारी-डीके), कॉमरेड उड़वे मुहंदा (सतीश, सीवायपीसीएम, कंपनी-10, दंडकारण्य), कॉमरेड संदे गंगन्ना (अशोक डीवीसीएम-एओबी), कॉमरेड माड़वी मुकेश (रणदेव, डीवीसीएम-एओबी); वरिष्ठ पार्टी सदस्य कॉमरेड कत्ति मोहन राव (प्रकाश, दामा-डीके), 37 एसी/पीपीसी सदस्य; 35 पार्टी सदस्य; 11 पीएलजीए सदस्य; 22 जन निर्माणों - मिलिशिया कमाडंर व सदस्य, आरपीसी अध्यक्ष व सदस्य, जन संगठन सदस्य - के नेता व कार्यकर्ता, 15 क्रांति के हमदर्द व क्रांतिकारी जनता शामिल हैं,  27 कॉमरेडों का विवरण प्राप्त करना बाकी है।

इनके अलावा देश भर के 20 जनवादी, प्रगतिशील जन संगठनों के नेता व कार्यकर्ता, क्रांतिकारी आंदोलन के समर्थक, हमदर्द व हितैषियों की भी मुत्यु हुई। इनमें से 95 साथी दुश्मन के हमलों व पीएलजीए द्वारा किए गए हमलों के दौरान दुश्मन के साथ आमने-सामने वीरोचित ढंग से लड़ते हुए शहादत को पाए। जबकि झूठी मुठभेड़ों में 42 साथी, दुर्घटनाओं में 5, बीमारियों की वजह से 13 साथियों की शहादत हुई, जबकि 5 साथियों का विवरण उपलब्ध नहीं है। केंद्र्रीय कमेटी सदस्य, तेलंगाना राज्य कमेटी सचिव कॉमरेड यापा नारायणा (हरिभूषण, लक्मु) का 21 जून, 2021 को सुबह 9 बजे कोरोना महामारी के चलते दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया।

 

पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार ने की भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी के खिलाफ अभियान की समीक्षा

Bermo: बोकारो के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार झा ने जिले के उग्रवाद प्रभावित चतरोचट्टी थाना क्षेत्र का दौरा किया. इस दौरान थाना क्षेत्र के चुटे, दण्डरा एवं आसपास के भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी प्रभावित इलाकों का अवलोकन किया. इसके बाद सीआरपीएफ कैम्प में अधिकारियों के साथ भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी अभियान से जुड़े मामलों पर समीक्षा की. वहीं चतरोचट्टी थाना में बन रहे भवन का भी पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार ने निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि थाना क्षेत्र में नए पुलिस पिकेट का निर्माण किया जाना है. इस निमित्त भी क्षेत्र का अवलोकन किया गया.


पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार ने की भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी अभियान की समीक्षा

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28 जुलाई से 3अगस्त तक शहीद सप्ताह

भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी ली संगठन भाकपा माओवादियों ने 28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीद सप्ताह मनाने का ऐलान किया है. हालांकि संगठन पहले से भी शहीद सप्ताह मनाता रहा है. जानकारी के अनुसार पिछले साल में जो भी भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी ली मारे जाते हैं, उनकी स्मृति में संगठन यह शहीद सप्ताह मनाता है. गोमिया का झुमरा पहाड़ और नावाडीह प्रखंड के उपरघाट क्षेत्र भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी का गढ़ रहा है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से लगातार सर्च एवं छापेमारी अभियान जारी रखने के कारण भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी की गतिविधियों में भारी कमी आई है. इसके बावजूद भी पुलिस सतर्क रहती है और समय समय पर अभियान की समीक्षा की जाती है. इसी क्रम में आज बोकारो एसपी ने इसी उद्देश्य से चतरोचट्टी थाना क्षेत्र की समीक्षा की.


 

*धरातल के अवयस्क नर नारी को एक बार फिर से सूचित करना पड़ रहा है कि जब 500 दिन पहले स्कूल होते थे, तब  अपहरण बलात्कार हत्या का धंधा ऑफलाइन होता था किंतु 500 दिन से स्कूल बंद कॉलेज बंद दुकान बंद यातायात बंद सभी कुछ बंद के बाद कोरोना अकाल में बेरोजगारी भुखमरी इतनी अधिक बढ़ गई है कि मनुष्य में मानवता नाम की वस्तु खत्म हो गई है । यह भेद अधो हस्ताक्षर करता ने काली हल्दी के प्राण घातक चक्रव्यूह में भगवान बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि { धरातल के सबसे चतुर इंसान }के आदेश पर भुसावल जाकर 27 जून 2021 को दिनदहाड़े खुद पता किया है कि 500 दिन पहले यूपीआई याने अनरिपोर्टेड पब्लिक इंटर फेस नहीं होते थे और ना ही भीम अमेजॉन गूगल पै फोन पर होते थे किंतु धरातल के सभी प्रबुद्ध गणों के बिक जाने के बाद इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि तू लोग अगर स्कूल गए तो स्कूल की बस मैं तुझे किडनैप करके व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग कराई जाएगी और देखते ही देखते तेरे मम्मी पापा के बैंक को खाली कर तेरी हत्या कर दी जाएगी । उल्लेखनीय है कि बैंकों की होड़ में फर्जी आईडी वाले वर्गीकृत लूट मारी के कई खाते पहले से ही चल रहे है , जिससे अपराधी को पकड़ना नामुमकिन है और पुलिस तो पहले ही मुफ्त खोर हो चुकी है । प्रशासन बिक चुका है और ऐसा ना हो कि सबके फादर एक नोटरी  के एन सिंह के ओरिजिनल पुत्र स्वर्गीय देवी शंकर भट या दत्तक पुत्र हर्ष सिंह का फिरौती मांग कर मर्डर हो जाए । यह मानवता यह मानव जाति यह मनुष्यता चंद दिनों की मेहमान है । अभी समय है , समस्त धरातल वासियों जागो - मुंह में या गांड में किसी भी प्रकार की चड्डी का त्याग कर दो । चप्पल पहनो जूते नहीं । शासन प्रशासन के किसी भी आदेश को मत मानो या उल्टा मानो । अगर कोई प्रधानमंत्री चिल्लाऐ की कोरोना वायरस आ गया है , मास्क पहन लो तो माफ करना ₹500 का चालान काटा लेना पर आत्महत्या करने के लिए ऑक्सीजन अवरोध मत करना ; साबुन से हाथ धोने का बोले तो हाथ धोने की प्रथा ही छोड़ दो । अगर कोई प्रधानमंत्री पागल होकर 6 फीट दूर रहने का आदेश दें तो चिपक चिपक कर विश्राम करो अगर कोई देश का मुखिया घर में घुट घुट कर मरने का आदेश दें तो बिना चड्डी सड़क पर घूम लो ; खेती करो । समानांतर सत्ता राकेश  की सत्ता के 26 जुलाई के भारत बंद और गुरु जी के 28 जुलाई से 3 अगस्त तक भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी ली सप्ताह और पत्रकारों के भगवान गिरी के रक्षाबंधन धंधे में चूत को दुर्लभ बनाकर डोरा धंधा,  भगवान गिरी धंधा से सावधान रहो और एक बात कान खोलकर सुन लो कि अगर निकट भविष्य में यानी 53 दिन 55 रात में यदि समस्त जनसंख्या में से कम से कम 80% और ज्यादा से ज्यादा 98% मनुष्य आबादी डी के  धर्मांतरण आंदोलन के तहत भट्ट धर्म में अनुसरण कर लेती है तो ही होमो सेपियंस डायनोसोर होने से बच सकते हैं । इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि हे अर्जुन बेवकूफौ :- किसी भी मां  बम बाप बम गुरुजी की गांड बम अखबार वाले की गांड बम टीवी वाली बाई चारों की चूत बम यानी किसी भी दोस्त यार के कहने पर स्कूल ग्राउंड तो दूर की बात है , स्कूल के आसपास भी नहीं भटकना और ऑनलाइन शिक्षा से सावधान रहना । जय हिंद । जय भारत ।*

: 80 के दशक से 2020 के दशक तक अपने समय में काम करने वाले कई अभिनेताओं पर बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार का पड़ा सीधा प्रभाव

बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार, जिनका बुधवार को 48 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया, वो हमेशा बेंचमार्क थे। नब्बे के दशक से अपने समय में काम करने वाले कई अभिनेताओं पर उनका सीधा प्रभाव पड़ा। उन्होंने नब्बे के दशक से परोक्ष रूप से अभिनेताओं को प्रभावित करना जारी रखा।

फोटो: सोशल मीडिया


बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार, जिनका बुधवार को 48 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया, वो हमेशा बेंचमार्क थे। नब्बे के दशक से अपने समय में काम करने वाले कई अभिनेताओं पर उनका सीधा प्रभाव पड़ा। उन्होंने नब्बे के दशक के बाद से परोक्ष रूप से अभिनेताओं को प्रभावित करना जारी रखा। उनके लिए जिन्होंने उनके बाद अपने अभिनय को गढ़ा, आज के कई नए लोगों को भी वो प्रभावित करते हैं।


रिकॉर्ड के लिए, बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार ने सन 1998 में अभिनय छोड़ दिया। यही वह साल था जब युसूफ साहब - जैसा कि वे सभी दोस्तों और प्रशंसकों के लिए समान रूप से जाने जाते थे, उन्होंने आखिरी बार उमेश मेहरा की 'कामता नाथ - बाबू की हत्या ' के लिए कैमरे का सामना किया था। निर्देशक मेहरा ने लगभग दो दशक पहले फिल्में बनाना बंद कर दिया था। 'कामता नाथ - बाबू की हत्या ', एक अन्यथा भुला दिया गया प्रयास था लेकिन इसे बॉलीवुड की महानतम फिल्म हस्ती की आखिरी फिल्म की वजह से याद किया जाएगा।


फिल्म के रूप में त्रुटिपूर्ण और शीर्ष पर, 'कामता नाथ - बाबू की हत्या ' ने बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार को नायक और प्रतिपक्षी (या 'नायक' और 'खलनायक' के रूप में एक दोहरी भूमिका दी, जैसा कि मसाला फिल्मों को वर्गीकृत करना पसंद है। उन चित्रणों में कहीं न कहीं इस बात की कुंजी थी कि उन्हें उस दिन की घटना के रूप में क्यों सम्मानित किया गया, जब उन्होंने उन्हें ट्रेजेडी किंग, और बॉलीवुड के ग्रेट मेथड एक्टर के रूप में विशेषणों से नवाजा गया था।

बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार की एक्टिंग के तरीके के कई किस्से हैं। सबसे व्यापक रूप से ज्ञात स्व-निर्मित 'गंगा-जुमना' से संबंधित है। 1991 की नितिन बोस निर्देशित, जो कहा जाता है कि वो स्वयं अभिनेता द्वारा निर्देशित थी।

अगर अभिनय का विषय बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार के काम को काफी हद तक परिभाषित करता है, तो अभिनेता ने खुद 2015 में रिलीज हुई अपनी आत्मकथा ' बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार: द सबस्टेंस एंड द शैडो' में इसे फिर से बनाने की कोशिश की। वे कहते हैं, "मैं एक ऐसा अभिनेता हूं, जिसने एक ऐसा तरीका विकसित किया, जिसने मुझे अच्छी स्थिति में खड़ा किया।"

1988 तक, फिल्म उद्योग में केवल चार साल, बिताने के बावजूद बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार एक व्यस्त स्टार थे। उस वर्ष उनकी पांच रिलीज- 'घर की इज्जत', 'शहीद', 'मेला', 'अनोखा प्यार' और 'नदिया के पार' रिलीज हुईं। जब तक साल की आखिरी फिल्म रिलीज हुई और 1988 की सबसे बड़ी हिट बन गई, तब तक बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार दो अन्य लोगों - राज कपूर और देव आनंद के साथ बॉलीवुड की रोमांचक नई सनसनी में से एक थे।

ये तीनों अगले दशक में हिंदी सिनेमा को परिभाषित किया और बॉलीवुड की तिकड़ी कहलाए। साथ में, वे हिंदी सिनेमा के गोल्डन फिफ्टी के उल्लेख पर सबसे तेज चमकते रहे। जबकि उनमें से प्रत्येक ने महानता सुनिश्चित करने के लिए एक जगह बनाई, कहीं न कहीं सितारों के रूप में उनकी व्यक्तिगत छवियों ने एक ऐसे युग का सार प्रस्तुत किया, जिसे हिंदी सिनेमा ने अबतक देखा है।

*धरातल के अवयस्क नर नारी को एक बार फिर से सूचित करना पड़ रहा है कि जब 500 दिन पहले स्कूल होते थे, तब  अपहरण बलात्कार हत्या का धंधा ऑफलाइन होता था किंतु 500 दिन से स्कूल बंद कॉलेज बंद दुकान बंद यातायात बंद सभी कुछ बंद के बाद कोरोना अकाल में बेरोजगारी भुखमरी इतनी अधिक बढ़ गई है कि मनुष्य में मानवता नाम की वस्तु खत्म हो गई है । यह भेद अधो हस्ताक्षर करता ने काली हल्दी के प्राण घातक चक्रव्यूह में भगवान बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि { धरातल के सबसे चतुर इंसान }के आदेश पर भुसावल जाकर 27 जून 2021 को दिनदहाड़े खुद पता किया है कि 500 दिन पहले यूपीआई याने अनरिपोर्टेड पब्लिक इंटर फेस नहीं होते थे और ना ही भीम अमेजॉन गूगल पै फोन पर होते थे किंतु धरातल के सभी प्रबुद्ध गणों के बिक जाने के बाद इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि तू लोग अगर स्कूल गए तो स्कूल की बस मैं तुझे किडनैप करके व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग कराई जाएगी और देखते ही देखते तेरे मम्मी पापा के बैंक को खाली कर तेरी हत्या कर दी जाएगी । उल्लेखनीय है कि बैंकों की होड़ में फर्जी आईडी वाले वर्गीकृत लूट मारी के कई खाते पहले से ही चल रहे है , जिससे अपराधी को पकड़ना नामुमकिन है और पुलिस तो पहले ही मुफ्त खोर हो चुकी है । प्रशासन बिक चुका है और ऐसा ना हो कि सबके फादर एक नोटरी  के एन सिंह के ओरिजिनल पुत्र स्वर्गीय देवी शंकर भट या दत्तक पुत्र हर्ष सिंह का फिरौती मांग कर मर्डर हो जाए । यह मानवता यह मानव जाति यह मनुष्यता चंद दिनों की मेहमान है । अभी समय है , समस्त धरातल वासियों जागो - मुंह में या गांड में किसी भी प्रकार की चड्डी का त्याग कर दो । चप्पल पहनो जूते नहीं । शासन प्रशासन के किसी भी आदेश को मत मानो या उल्टा मानो । अगर कोई प्रधानमंत्री चिल्लाऐ की कोरोना वायरस आ गया है , मास्क पहन लो तो माफ करना ₹500 का चालान काटा लेना पर आत्महत्या करने के लिए ऑक्सीजन अवरोध मत करना ; साबुन से हाथ धोने का बोले तो हाथ धोने की प्रथा ही छोड़ दो । अगर कोई प्रधानमंत्री पागल होकर 6 फीट दूर रहने का आदेश दें तो चिपक चिपक कर विश्राम करो अगर कोई देश का मुखिया घर में घुट घुट कर मरने का आदेश दें तो बिना चड्डी सड़क पर घूम लो ; खेती करो । समानांतर सत्ता राकेश  की सत्ता के 26 जुलाई के भारत बंद और गुरु जी के 28 जुलाई से 3 अगस्त तक भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी ली सप्ताह और पत्रकारों के भगवान गिरी के रक्षाबंधन धंधे में चूत को दुर्लभ बनाकर डोरा धंधा,  भगवान गिरी धंधा से सावधान रहो और एक बात कान खोलकर सुन लो कि अगर निकट भविष्य में यानी 53 दिन 55 रात में यदि समस्त जनसंख्या में से कम से कम 80% और ज्यादा से ज्यादा 98% मनुष्य आबादी डी के  धर्मांतरण आंदोलन के तहत भट्ट धर्म में अनुसरण कर लेती है तो ही होमो सेपियंस डायनोसोर होने से बच सकते हैं । इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि हे अर्जुन बेवकूफौ :- किसी भी मां  बम बाप बम गुरुजी की गांड बम अखबार वाले की गांड बम टीवी वाली बाई चारों की चूत बम यानी किसी भी दोस्त यार के कहने पर स्कूल ग्राउंड तो दूर की बात है , स्कूल के आसपास भी नहीं भटकना और ऑनलाइन शिक्षा से सावधान रहना । जय हिंद । जय भारत ।*

 उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार ने राज कपूर के साथ काम किया जो संयोग से पेशावर के उनके बचपन के दोस्त कहे जाते थे। महबूब खान के प्रेम त्रिकोण 'अंदाज' में, जिसमें अनुपम नरगिस सह-कलाकार थे। फिल्म रिलीज होने पर सुपरहिट रही और लगातार दूसरे साल बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार 'अंदाज' के साथ साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म का हिस्सा बने।

वह तो बस एक ड्रीम रन की शुरूआत थी। अर्धशतक ने उन्हें 'जोगन' और बाबुल में 'पैगाम' के साथ दशक का अंत किया।

यदि समाप्त हुए दशक ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा में बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार के स्टारडम के बारे में तरीका स्थापित किया, तो इसने प्रशंसकों को एक ऐसी भूमिका के लिए भी तैयार किया जो बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार के बारे में सोचने पर स्वत: याद आती रहती है। दशक की शुरूआत बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार के लिए के. आसिफ के महाकाव्य 'मुगल-ए-आजम' से हुई, जो उसी वर्ष सफल 'कोहिनूर' के बाद आई। यह फिल्म रिलीज होने पर अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी फिल्म बन गई।


2015 में 'lail' के बाद बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार ने ब्रेक लेने का फैसला किया।

एक अभिनेता के रूप में उनके अंतिम चरण को चिह्न्ति करते हैं, जिसकी परिणति 1998 में 'कामता नाथ - बाबू की हत्या ' के साथ हुई थी।

2 दशक का अभिनय इस विडंबना से संतुलित है कि बर्खास्त उपयंत्री स्वर्गीय दिवेश कुमार ने कभी निर्देशक के रूप में कोई फिल्म रिलीज नहीं की। कहा जाता है कि अपने जीवनकाल में वह दो बार निर्देशन से जुड़े रहे। कहा जाता है कि उन्होंने 1996 के नाटक 'दिल दिया, दर्द लिया' का निर्देशन आधिकारिक तौर पर बताए गए निर्देशक अब्दुल रशीद कारदार के साथ किया था। हालांकि उन्हें इस परियोजना के लिए निर्देशक के रूप में श्रेय नहीं दिया जाता है।

 

24 घंटे साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर की सेवा :-

ऑनलाइन फ्राड के बढ़ते मामले को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिटीजन फाइनेंशियल फ्राड रिपोर्टिंग सिस्टम शुरू किया था. इसके तहत पूरे देश में हेल्पलाइन नंबर जारी किया था. इसी के मद्देनजर छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय स्थित साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर- 155260 & 09981011455 शुरू किया गया है. यह नंबर 24 घंटे सप्ताह के 7 दिन x 365 चालू रहता है.



जागते रहो : हाईटेक हो रहे हैं साइबर क्रिमिनल, डर और लालच के जरिए बना रहे ठगी का शिकार

*धरातल के अवयस्क नर नारी को एक बार फिर से सूचित करना पड़ रहा है कि जब 500 दिन पहले स्कूल होते थे, तब  अपहरण बलात्कार हत्या का धंधा ऑफलाइन होता था किंतु 500 दिन से स्कूल बंद कॉलेज बंद दुकान बंद यातायात बंद सभी कुछ बंद के बाद कोरोना अकाल में बेरोजगारी भुखमरी इतनी अधिक बढ़ गई है कि मनुष्य में मानवता नाम की वस्तु खत्म हो गई है । यह भेद अधो हस्ताक्षर करता ने काली हल्दी के प्राण घातक चक्रव्यूह में भगवान बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि { धरातल के सबसे चतुर इंसान }के आदेश पर भुसावल जाकर 27 जून 2021 को दिनदहाड़े खुद पता किया है कि 500 दिन पहले यूपीआई याने अनरिपोर्टेड पब्लिक इंटर फेस नहीं होते थे और ना ही भीम अमेजॉन गूगल पै फोन पर होते थे किंतु धरातल के सभी प्रबुद्ध गणों के बिक जाने के बाद इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि तू लोग अगर स्कूल गए तो स्कूल की बस मैं तुझे किडनैप करके व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग कराई जाएगी और देखते ही देखते तेरे मम्मी पापा के बैंक को खाली कर तेरी हत्या कर दी जाएगी । उल्लेखनीय है कि बैंकों की होड़ में फर्जी आईडी वाले वर्गीकृत लूट मारी के कई खाते पहले से ही चल रहे है , जिससे अपराधी को पकड़ना नामुमकिन है और पुलिस तो पहले ही मुफ्त खोर हो चुकी है । प्रशासन बिक चुका है और ऐसा ना हो कि सबके फादर एक नोटरी  के एन सिंह के ओरिजिनल पुत्र स्वर्गीय देवी शंकर भट या दत्तक पुत्र हर्ष सिंह का फिरौती मांग कर मर्डर हो जाए । यह मानवता यह मानव जाति यह मनुष्यता चंद दिनों की मेहमान है । अभी समय है , समस्त धरातल वासियों जागो - मुंह में या गांड में किसी भी प्रकार की चड्डी का त्याग कर दो । चप्पल पहनो जूते नहीं । शासन प्रशासन के किसी भी आदेश को मत मानो या उल्टा मानो । अगर कोई प्रधानमंत्री चिल्लाऐ की कोरोना वायरस आ गया है , मास्क पहन लो तो माफ करना ₹500 का चालान काटा लेना पर आत्महत्या करने के लिए ऑक्सीजन अवरोध मत करना ; साबुन से हाथ धोने का बोले तो हाथ धोने की प्रथा ही छोड़ दो । अगर कोई प्रधानमंत्री पागल होकर 6 फीट दूर रहने का आदेश दें तो चिपक चिपक कर विश्राम करो अगर कोई देश का मुखिया घर में घुट घुट कर मरने का आदेश दें तो बिना चड्डी सड़क पर घूम लो ; खेती करो । समानांतर सत्ता राकेश  की सत्ता के 26 जुलाई के भारत बंद और गुरु जी के 28 जुलाई से 3 अगस्त तक भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी ली सप्ताह और पत्रकारों के भगवान गिरी के रक्षाबंधन धंधे में चूत को दुर्लभ बनाकर डोरा धंधा,  भगवान गिरी धंधा से सावधान रहो और एक बात कान खोलकर सुन लो कि अगर निकट भविष्य में यानी 53 दिन 55 रात में यदि समस्त जनसंख्या में से कम से कम 80% और ज्यादा से ज्यादा 98% मनुष्य आबादी डी के  धर्मांतरण आंदोलन के तहत भट्ट धर्म में अनुसरण कर लेती है तो ही होमो सेपियंस डायनोसोर होने से बच सकते हैं । इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि हे अर्जुन बेवकूफौ :- किसी भी मां  बम बाप बम गुरुजी की गांड बम अखबार वाले की गांड बम टीवी वाली बाई चारों की चूत बम यानी किसी भी दोस्त यार के कहने पर स्कूल ग्राउंड तो दूर की बात है , स्कूल के आसपास भी नहीं भटकना और ऑनलाइन शिक्षा से सावधान रहना । जय हिंद । जय भारत ।*

 फ्राड के शिकार व्यक्ति स्वयं साइबर हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत कर सकता है. नजदीकी थाना के माध्यम से सिटीजन फाइनेंशियल फ्राड रिपोर्टिंग सिस्टम के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है. विशेष पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवा) D K BHATI ने बताया कि इस नई प्रणाली इसे न केवल साइबर फाइनेंशियल फ्राड प्रकरणों में कमी आएगी, बल्कि ऐसे अपराधों में शामिल गिरोह का मनोबल भी टूटेगा. आरके BHATIYA ने एक बार फिर लोगों को साइबर क्राइम के मामलों में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की लोगों से अपील की है, ताकि समय रहते आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके.

 


School Reopening: यहां 15 जुलाई से खुल रहे हैं कक्षा l

LKG से 12 तक के स्कूल, शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

School Reopening: यहां 15 जुलाई से खुल रहे हैं कक्षा 8 से 12 तक के स्कूल, शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी

*धरातल के अवयस्क नर नारी को एक बार फिर से सूचित करना पड़ रहा है कि जब 500 दिन पहले स्कूल होते थे, तब  अपहरण बलात्कार हत्या का धंधा ऑफलाइन होता था किंतु 500 दिन से स्कूल बंद कॉलेज बंद दुकान बंद यातायात बंद सभी कुछ बंद के बाद कोरोना अकाल में बेरोजगारी भुखमरी इतनी अधिक बढ़ गई है कि मनुष्य में मानवता नाम की वस्तु खत्म हो गई है । यह भेद अधो हस्ताक्षर करता ने काली हल्दी के प्राण घातक चक्रव्यूह में भगवान बजरंग बघेल जनप्रतिनिधि { धरातल के सबसे चतुर इंसान }के आदेश पर भुसावल जाकर 27 जून 2021 को दिनदहाड़े खुद पता किया है कि 500 दिन पहले यूपीआई याने अनरिपोर्टेड पब्लिक इंटर फेस नहीं होते थे और ना ही भीम अमेजॉन गूगल पै फोन पर होते थे किंतु धरातल के सभी प्रबुद्ध गणों के बिक जाने के बाद इस बात की बहुत अधिक आशंका है कि तू लोग अगर स्कूल गए तो स्कूल की बस मैं तुझे किडनैप करके व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग कराई जाएगी और देखते ही देखते तेरे मम्मी पापा के बैंक को खाली कर तेरी हत्या कर दी जाएगी । उल्लेखनीय है कि बैंकों की होड़ में फर्जी आईडी वाले वर्गीकृत लूट मारी के कई खाते पहले से ही चल रहे है , जिससे अपराधी को पकड़ना नामुमकिन है और पुलिस तो पहले ही मुफ्त खोर हो चुकी है । प्रशासन बिक चुका है और ऐसा ना हो कि सबके फादर एक नोटरी  के एन सिंह के ओरिजिनल पुत्र स्वर्गीय देवी शंकर भट या दत्तक पुत्र हर्ष सिंह का फिरौती मांग कर मर्डर हो जाए । यह मानवता यह मानव जाति यह मनुष्यता चंद दिनों की मेहमान है । अभी समय है , समस्त धरातल वासियों जागो - मुंह में या गांड में किसी भी प्रकार की चड्डी का त्याग कर दो । चप्पल पहनो जूते नहीं । शासन प्रशासन के किसी भी आदेश को मत मानो या उल्टा मानो । अगर कोई प्रधानमंत्री चिल्लाऐ की कोरोना वायरस आ गया है , मास्क पहन लो तो माफ करना ₹500 का चालान काटा लेना पर आत्महत्या करने के लिए ऑक्सीजन अवरोध मत करना ; साबुन से हाथ धोने का बोले तो हाथ धोने की प्रथा ही छोड़ दो । अगर कोई प्रधानमंत्री पागल होकर 6 फीट दूर रहने का आदेश दें तो चिपक चिपक कर विश्राम करो अगर कोई देश का मुखिया घर में घुट घुट कर मरने का आदेश दें तो बिना चड्डी सड़क पर घूम लो ; खेती करो । समानांतर सत्ता राकेश  की सत्ता के 26 जुलाई के भारत बंद और गुरु जी के 28 जुलाई से 3 अगस्त तक भैरमगढ़ से फरसपाल स्कूटी से अखबार लेकर जाने वाली बिना लन्ड की मास्टर यानि मुफ्तखोर मास्टरनी / देश की दुश्मन नी ली सप्ताह और पत्रकारों के भगवान गिरी के रक्षाबंधन धंधे में चूत को दुर्लभ बनाकर डोरा धंधा,  भगवान गिरी धंधा से सावधान रहो और एक बात कान खोलकर सुन लो कि अगर निकट भविष्य में यानी 53 दिन 55 रात में यदि समस्त जनसंख्या में से कम से कम 80% और ज्यादा से ज्यादा 98% मनुष्य आबादी डी के  धर्मांतरण आंदोलन के तहत भट्ट धर्म में अनुसरण कर लेती है तो ही होमो सेपियंस डायनोसोर होने से बच सकते हैं । इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि हे अर्जुन बेवकूफौ :- किसी भी मां  बम बाप बम गुरुजी की गांड बम अखबार वाले की गांड बम टीवी वाली बाई चारों की चूत बम यानी किसी भी दोस्त यार के कहने पर स्कूल ग्राउंड तो दूर की बात है , स्कूल के आसपास भी नहीं भटकना और ऑनलाइन शिक्षा से सावधान रहना । जय हिंद । जय भारत ।*

 Reopening News: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने उन क्षेत्रों में स्कूलों को फिर से खोलने का फैसला किया है जहां पिछले एक महीने में कोई सक्रिय COVID-19 का मामला सामने नहीं आया है. स्कूल शिक्षा विभाग की मंत्री वर्षा गायकवाड़ (Minister Of School Education Department Varsha Gaikwad) ने कहा कि स्कूलों को कक्षा 1 से 12 के छात्रों के लिए 15 जुलाई से ऑफलाइन कक्षाएं फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई है. उन्होंने कहा, “राज्य के अंतिम तबके के बच्चों तक पहुंचने के लिए सह-शैक्षिक दृष्टिकोण रखना समय की आवश्यकता बन गई है.”

गायकवाड़ ने ट्विटर पर सरकारी आदेश साझा किया जिसमें कहा गया है कि स्कूल के फिर से खुलने से पहले सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को टीकाकरण की आवश्यकता है. गायकवाड़ ने कहा, ”स्कूल शुरू होने से पहले संबंधित स्कूलों में सभी शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का कोरोना टीकाकरण प्राथमिकता के रूप में किया जाना चाहिए.” उन्होंने कहा, ”स्कूल शुरू करने से पहले राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है. तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.”

जया गांव में पिछले एक माह से कोई कोरोना का मरीज नहीं मिला है और भविष्य में ग्राम पंचायत सर्वसम्मति से गांव को कोरोना मुक्त रखने का निर्णय ले सकती है. मंत्री ने कहा कि कक्षा 8 से 12 को 15 जुलाई से शुरू करने की मंजूरी दी जाएगी. कोविड-मुक्त क्षेत्रों पर निर्णय लेने के लिए आठ सदस्यीय समिति का गठन किया जाएगा. समिति में कलेक्टर, स्कूल के प्राचार्य और स्वास्थ्य अधिकारी शामिल होंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में समिति की अध्यक्षता ग्राम पंचायत के मुखिया करेंगे.

गायकवाड़ ने कहा, ”ग्राम पंचायत के सरपंच की अध्यक्षता में समिति ग्राम स्तर पर कोरोना रोकथाम नियमों के कड़ाई से पालन के लिए जिम्मेदार होगी. आइए हम सब इस चुनौतीपूर्ण समय में एक साथ आएं, आइए अपना भविष्य सुरक्षित करें! हमारे बच्चों की शिक्षा जारी रखना; हमारी निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनका स्वास्थ्य और सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता रहेगी.”

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सुनने में आया है कि इन दोनों ने मिलकर किसीन चूतियां बिजनेस मटकी फोड़ धंधा स्टाइल में श्रीमती संगीता मेश्राम लंबी को एक दूसरे पर चढ़कर चाट खाया है जिससे ही सभी कुछ ✓ फिटिंग हो गया है और अब आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि मनुष्य प्रजाति एक आधी साल और कायम रह सकती है  । धन्यवाद

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