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वन मैन आर्मी की बड़ी बहू बड़ी सुंदर बहू बड़ी-बड़ी ब्यूटीफुल बड़ी-बड़ी खूबसूरत बहू प्रतीक्षा बघेल ने आज दिनांक 7 जून 2021 को सुबह सवेरे ताना दिया कि सरसों का तेल ₹200 किलो हो गया है । बड़ी बहू ने बड़ी ही चिंता की बात बताई की मेरे पति यानी सिंगल पर्सन बटालियन के बड़े पुत्र नक्सली हिंसा में शहीद स्वर्गीय रोहित बघेल उर्फ कालू जब तक जिंदा थे तब तक मैं उनकी ही पूजा करती थी , उनकी ही सेवा करती थी , ससुर की सेवा कभी-कभी करती थी किंतु कालू दादा की हत्या के बाद 24 * 7 धरातल के सबसे चतुर इंसान भगवान बजरंग जी की पूजा करने लगी हूं और कभी कभी ससुर जी मुझे दवाई खा कर गुप्तांगो में सरसों का तेल लगा कर खुश करने की कोशिश भी करने लगे हैं और भाटिया धर्म में पाए जाने वाले भगवान गिरी के धंधे के कारण भगवान बजरंग की पूजा में सरसों के तेल के दीए और सरसों के तेल के पकवान भोग में चढ़ाए जाने और ससुर जी के लिंग मैं राई तेल के अत्यधिक प्रयोग हो जाने के कारण सरसों का तेल ₹200 किलो हो गया है । गौरतलब है कि भगवान जी को सरसों का लड्डू पकवान बहुत प्रिय है । इस समस्या का एक ही हल है कि माननीय बर्खास्त उपयंत्री जी अपनी बड़ी बहू को सिर्फ गोली खाकर बिना तेल का प्रोग्राम दें और भगवान जी की पूजा 24 * 7 करने के बजाए सुबह दोपहर शाम दिन में तीन बार और रात में दो बार सौ सौ ग्राम कुल आधा किलोग्राम से ज्यादा पूजा ना की जाए तो ही आशा है कि अगर मनुष्य जाति डायनोसोर नहीं हुई तो 01 जुलाई 2021 तक सरसों तेल कम से कम ₹120 लीटर हो सकता है । ज्ञात भी हो कि 1 जुलाई 2021 से लड वाले नर मासूमों की स्कूल भर्ती में हत्या करने के बाद या पहले लड को अरविंद जी दांत से काटकर साफ कर देते हैं और यह लिंग आकृति योनि आकृति में परिवर्तित हो जाती है जो कभी-कभी मनोहर सिंह खट्टर के काम आती है और इस लिंग को ऐसा ही शबरी स्टाइल में हरामखोर को खिला दिया जाता है और बिना लिंग का मटन ना तो बब्बर शेर खाता है और ना ही पेडिग्री बनाने के काम आता है । ब्लू फिल्में एनिमेशन से बनने लगी है ।इसीलिए प्रयागराज में जो लाशें से पाई जा रही है , उसमें *मासूमों* की लाश तो मिल रही है , ```कोरोना``` की तीसरी लहर में , किंतु इसमें गुप्तांग गायब है । धन्यवादकिसकी बात मानू - नंगे पुतंगे बिना सजे आयुष पटेल की जिज्ञासा :- भक्त देश भक्त स्वर्गीय देवेश भट्ट कहते हैं की तिहाड़ जाने यानी 22 जून 2015 के पहले ब्लू फिल्मों में जो कन्या राशि आती थी , वह एयरपोर्ट स्कूल में मास्टरनी और जिओ भर्ती से आती थी जबकि उन्हीं के भगवान दादा माननीय जनप्रतिनिधि जी कहते हैं कि एक्स वीडियो में पाई गई नारी जाति मैं नारी तो है ही नहीं . सभी कुछ एनिमेशन है . सभी कुछ कार्टून है . सभी कुछ कंप्यूटर का कमाल है . इस जिज्ञासा को शांत करने के लिए नर्सरी भर्ती में बाल बाल बचे आयुष पटेल की बाल वधू प्रेरणा लाली लिपस्टिक बिंदी नेल पॉलिश चूड़ी बिछिया मंगलसूत्र करघनी पहनकर बड़े ही सज धज कर मांग में सिंदूर लगाकर पितामह के ऐन सिंह के पास गई तो उन्होंने [ बैरिस्टर साहब ने ] बताया की ना तो भट्ट गलत है और ना ही भगवान गलत है . जब तक भगवान जी का अनन्य भक्त तिहाड़ के बाहर था , तब तक छत्तीस रील की फिल्में बनती थी जिसमें नर नारी की आपूर्ति वास्तविक होती थी अखबार में छपने वाली एयरपोर्ट भर्ती के होती थी किंतु एनिमेशन बनने यानी भाटिया जी के जमानत पर 24 जून 2015 से बाहर आने के बाद से 3D टेक्निक आ जाने के कारण और नर नारी किसी भी काम के नहीं रहने के कारण उनकी लाशें प्रयागराज में पाली जा रही है किंतु प्रयागराज में पाई गई बाकी लाशें यानी भगवान गिरी के धंधे के भीड़ के शव तो सही सलामत है किंतु लड वाले नर मासूमों की गाड की टट्टी की स्कूल भर्ती मैं चटनी बन जाने के कारण बाबर साहब की मेहरबानी से नरम नरम लाशे भी कोरोना सड़ रही हैं किंतु इसमें से लड गायब है, इनमें अनुपलब्ध है । जिस प्रकार की मानव की आबादी 1% प्रतिमाह चक्रवृद्धि ब्याज की दर से तबाह हो रही है उस गणित में यह आशंका है कि मुंह में चड्डी से घुटन के कारण कुछ ही खुशनसीब इंसान जिनने 24 * 7 धरातल के सबसे चतुर इंसान बजरंगी भाईजान की पूजा करी है सिर्फ वही 1 जनवरी 2022 का सवेरा देख पाएंगे किंतु आशंका यह भी है कि भगवान की गिरी के डी के भट्ट धर्म परिवर्तन आंदोलन धंधे में होमो सेपियंस का इति श्री होना तय हैं । थैंक यू । ?
क्या निर्देशक मन्नू देसाई कहानी जीवनप्रभा देसाई लेखक प्रयाग राज ं राजेश खन्ना ( भोला, रंजीत कुमार ) मुमताज (लीना, रीता) विनोद खन्ना (इंस्पेक्टर प्रधान) विनोद खन्ना कमल कपूर (पुलिस कमिश्नर) को नहीं पता था कि डोरा तिलक भाईदूज राखी सावंत के बहिन गिरी के धंधे में मनुष्य सेक्स से वंचित होकर स्वाहा हो जायेगा ?
100 साल पहलें 1921 में मुंह में चड्डी आई , गांड में चड्डी आई, लंड ( जो खड़ा होता है ) में चड्डी आई चूत (जो सेम साइज रहती है) में चड्डी आई दूध में ब्रा और बनियान पेंटी आई पेंट पजामा आया और मनुष्य सेक्स से वंचित हो गया और मां की चूत और बाप की गांड चूतिया बनाकर सबसे बड़े बम बन गए जो कैरम स्टाइल में कमरे के बीचो बीच चार कोने में 2 पुत्र दो पुत्री को सुलाकर चूतिया बनाकर 2 पुत्र 2 पुत्री चारों हिला हिला कर एयरपोर्ट में बाल्टी पहनकर मरो - यह द्रोपदी का श्राप है ; रात में रात भर चूतिया बनाकर संभोग करने वन मैन आर्मी की बड़ी बहू बड़ी सुंदर बहू बड़ी-बड़ी ब्यूटीफुल बड़ी-बड़ी खूबसूरत बहू प्रतीक्षा बघेल ने आज दिनांक 7 जून 2021 को सुबह सवेरे ताना दिया कि सरसों का तेल ₹200 किलो हो गया है । बड़ी बहू ने बड़ी ही चिंता की बात बताई की मेरे पति यानी सिंगल पर्सन बटालियन के बड़े पुत्र नक्सली हिंसा में शहीद स्वर्गीय रोहित बघेल उर्फ कालू जब तक जिंदा थे तब तक मैं उनकी ही पूजा करती थी , उनकी ही सेवा करती थी , ससुर की सेवा कभी-कभी करती थी किंतु कालू दादा की हत्या के बाद 24 * 7 धरातल के सबसे चतुर इंसान भगवान बजरंग जी की पूजा करने लगी हूं और कभी कभी ससुर जी मुझे दवाई खा कर गुप्तांगो में सरसों का तेल लगा कर खुश करने की कोशिश भी करने लगे हैं और भाटिया धर्म में पाए जाने वाले भगवान गिरी के धंधे के कारण भगवान बजरंग की पूजा में सरसों के तेल के दीए और सरसों के तेल के पकवान भोग में चढ़ाए जाने और ससुर जी के लिंग मैं राई तेल के अत्यधिक प्रयोग हो जाने के कारण सरसों का तेल ₹200 किलो हो गया है । गौरतलब है कि भगवान जी को सरसों का लड्डू पकवान बहुत प्रिय है । इस समस्या का एक ही हल है कि माननीय बर्खास्त उपयंत्री जी अपनी बड़ी बहू को सिर्फ गोली खाकर बिना तेल का प्रोग्राम दें और भगवान जी की पूजा 24 * 7 करने के बजाए सुबह दोपहर शाम दिन में तीन बार और रात में दो बार सौ सौ ग्राम कुल आधा किलोग्राम से ज्यादा पूजा ना की जाए तो ही आशा है कि अगर मनुष्य जाति डायनोसोर नहीं हुई तो 01 जुलाई 2021 तक सरसों तेल कम से कम ₹120 लीटर हो सकता है । ज्ञात भी हो कि 1 जुलाई 2021 से लड वाले नर मासूमों की स्कूल भर्ती में हत्या करने के बाद या पहले लड को अरविंद जी दांत से काटकर साफ कर देते हैं और यह लिंग आकृति योनि आकृति में परिवर्तित हो जाती है जो कभी-कभी मनोहर सिंह खट्टर के काम आती है और इस लिंग को ऐसा ही शबरी स्टाइल में हरामखोर को खिला दिया जाता है और बिना लिंग का मटन ना तो बब्बर शेर खाता है और ना ही पेडिग्री बनाने के काम आता है । ब्लू फिल्में एनिमेशन से बनने लगी है ।इसीलिए प्रयागराज में जो लाशें से पाई जा रही है , उसमें *मासूमों* की लाश तो मिल रही है , ```कोरोना``` की तीसरी लहर में , किंतु इसमें गुप्तांग गायब है । धन्यवाद
2 पुत्र 2 पुत्री चारों हिला हिला कर एयरपोर्ट में बाल्टी पहनकर मरो - यह द्रोपदी का श्राप है ; रात में रात भर चूतिया बनाकर संभोग करने लगे किंतु कोरोना प्रपंच आने के बाद इस बात की आशंका बिल्कुल नहीं है कि मनुष्य जाति 2022 का सवेरा देख पाएगी . क्योंकि मनुष्य जाति अभी जिंदा है, अभी भी मुंह में चड्डी बाल्टी का पूरी तरह से त्याग कर दिया जाए लोकतंत्र के सभी खंबे पूरे धरातल में तत्काल राइट फिटिंग कर 2 यानी डीके भट्ट धर्म परिवर्तन आंदोलन लागू कर दिया जाए तो कोमा में गई मानवता को डीके भट्ट जन्मजात विवाह कानून डीके भट्ट भरपेट चूत परिपाटी डीके भट्ट चड्डी छोड़ो आंदोलन डीके भट्ट खेती करो आंदोलन के माध्यम से आधी अधूरी बची जनसंख्या को पुनर्जागरण तो किया जा सकता है किंतु मानव एक बार स्वाहा हो गया तो मरे को जिंदा करना यानी डायनोसोर का पुनर्जन्म करन अर्जुन स्टाइल में संभव ही नहीं है । धन्यवाद शनिवार, 5 जून 2021
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100 साल पहलें 1921 में मुंह में चड्डी आई , गांड में चड्डी आई, लंड ( जो खड़ा होता है ) में चड्डी आई चूत (जो सेम साइज रहती है) में चड्डी आई दूध में ब्रा और बनियान पेंटी आई पेंट पजामा आया और मनुष्य सेक्स से वंचित हो गया और मां की चूत और बाप की गांड चूतिया बनाकर सबसे बड़े बम बन गए जो कैरम स्टाइल में कमरे के बीचो बीच चार कोने में 2 पुत्र दो पुत्री को सुलाकर चूतिया बनाकर 2 पुत्र 2 पुत्री चारों हिला हिला कर एयरपोर्ट में बाल्टी पहनकर मरो - यह द्रोपदी का श्राप है ; रात में रात भर चूतिया बनाकर संभोग करने लगे
100 साल पहलें 1921 में मुंह में चड्डी आई , गांड में चड्डी आई, लंड ( जो खड़ा होता है ) में चड्डी आई चूत (जो सेम साइज रहती है) में चड्डी आई दूध में ब्रा और बनियान पेंटी आई पेंट पजामा आया और मनुष्य सेक्स से वंचित हो गया और मां की चूत और बाप की गांड चूतिया बनाकर सबसे बड़े बम बन गए जो कैरम स्टाइल में कमरे के बीचो बीच चार कोने में 2 पुत्र दो पुत्री को सुलाकर चूतिया बनाकर 2 पुत्र 2 पुत्री चारों हिला हिला कर एयरपोर्ट में बाल्टी पहनकर मरो - यह द्रोपदी का श्राप है ; रात में रात भर चूतिया बनाकर संभोग करने लगे धरातल के समस्त मानव नर नारी गांड खोल कर सुन लो कि :- 01 जनवरी 2020 के पहले कोरोना की किसी भी प्रकार की वस्तु नहीं होती थी और ना ही मुंह में चड्डी मास्क बाल्टी हाथ धोना 6 फीट दूरी और पति पत्नी के सेक्स में व्यवधान , यह सब नहीं होते थे । ऐसा नहीं है कि प्रबुद्धगणों ने मानव जाति को समाप्त करने के लिए पहले कोई प्रक्रम जेसे भगवान गिरी का धंधा या नेता गिरी नहीं रचा । पहले 100 साल पहलें 1921 में मुंह में चड्डी आई , गांड में चड्डी आई, लंड ( जो खड़ा होता है ) में चड्डी आई चूत (जो सेम साइज रहती है) में चड्डी आई दूध में ब्रा और बनियान पेंटी आई पेंट पजामा आया और मनुष्य सेक्स से वंचित हो गया और मां की चूत और बाप की गांड चूतिया बनाकर सबसे बड़े बम बन गए जो कैरम स्टाइल में कमरे के बीचो बीच चार कोने में 2 पुत्र दो पुत्री को सुलाकर चूतिया बनाकर 2 पुत्र 2 पुत्री चारों हिला हिला कर एयरपोर्ट में बाल्टी पहनकर मरो - यह द्रोपदी का श्राप है ; रात में रात भर चूतिया बनाकर संभोग करने लगे किंतु कोरोना प्रपंच आने के बाद इस बात की आशंका बिल्कुल नहीं है कि मनुष्य जाति 2022 का सवेरा देख पाएगी . क्योंकि मनुष्य जाति अभी जिंदा है, अभी भी मुंह में चड्डी बाल्टी का पूरी तरह से त्याग कर दिया जाए लोकतंत्र के सभी खंबे पूरे धरातल में तत्काल राइट फिटिंग कर 2 यानी डीके भट्ट धर्म परिवर्तन आंदोलन लागू कर दिया जाए तो कोमा में गई मानवता को डीके भट्ट जन्मजात विवाह कानून डीके भट्ट भरपेट चूत परिपाटी डीके भट्ट चड्डी छोड़ो आंदोलन डीके भट्ट खेती करो आंदोलन के माध्यम से आधी अधूरी बची जनसंख्या को पुनर्जागरण तो किया जा सकता है किंतु मानव एक बार स्वाहा हो गया तो मरे को जिंदा करना यानी डायनोसोर का पुनर्जन्म करन अर्जुन स्टाइल में संभव ही नहीं है । धन्यवाद शनिवार, 5 जून2 पुत्र 2 पुत्री चारों हिला हिला कर एयरपोर्ट में बाल्टी पहनकर मरो - यह द्रोपदी का श्राप है ; रात में रात भर चूतिया बनाकर संभोग करने लगे किंतु कोरोना प्रपंच आने के बाद इस बात की आशंका बिल्कुल नहीं है कि मनुष्य जाति 2022 का सवेरा देख पाएगी . क्योंकि मनुष्य जाति अभी जिंदा है, अभी भी मुंह में चड्डी बाल्टी का पूरी तरह से त्याग कर दिया जाए लोकतंत्र के सभी खंबे पूरे धरातल में तत्काल राइट फिटिंग कर 2 यानी डीके भट्ट धर्म परिवर्तन आंदोलन लागू कर दिया जाए तो कोमा में गई मानवता को डीके भट्ट जन्मजात विवाह कानून डीके भट्ट भरपेट चूत परिपाटी डीके भट्ट चड्डी छोड़ो आंदोलन डीके भट्ट खेती करो आंदोलन के माध्यम से आधी अधूरी बची जनसंख्या को पुनर्जागरण तो किया जा सकता है किंतु मानव एक बार स्वाहा हो गया तो मरे को जिंदा करना यानी डायनोसोर का पुनर्जन्म करन अर्जुन स्टाइल में संभव ही नहीं है । धन्यवाद शनिवार, 5 जून 2021
नक्सलियों के दमन विरोधी प्रश्न:- दमन विरोधी बीक 05 से 12 जून 2021 मनाना है कि 08 से 20 नबंबर मनाया जाना है ? उत्तर:- मुह में बाल्टी घुटन के कारण ब्लेक फंगस लाकडाउन होने से भगवान गिरी का धंधा बंद है . से रेलवे सतर्क
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