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एक बात तय है कि अगर मान लो धरातल वाले मोहनदास को राष्ट्रपिता और कस्तूरी बाई को मदर टेरेसा की मानद् उपाधि दे देते हैं तो भी भगवान गिरी के धंधे में डी के भट धर्म परिवर्तन आंदोलन में मनुष्य जाति का बजरंग जी की काट प्रतिमा के आगे नाच नाच कर ईद के दिन स्वाहा हो जाना तय है क्योंकि भाटिया धर्म में अल्ला गिरी का धंधा बहुत-बहुत खूब ज्यादा अति से अधिक अत्यधिक पाया जाता है और इस धर्म के प्रवर्तक भट्टी साहब और धर्म के इकलौते पिता के एन सिंह स्वयं बजरंगबली जी को अपने निवास में लाक डाउन में बुलाकर लोट लोट कर 25 t roverचरण वंदना करते हुए दिनदहाड़े पाए गए हैं । धन्यवाद ।

 

नक्सलियों ने शुरू किया दमन विरोधी सप्ताह

रायपुर/जगदलपुर - बस्तर में एक बार फिर पुलिस ने हाईअलर्ट घोषित किया है | बस्तर में नक्सलियों द्वारा दमन विरोधी सप्ताह मनाया जा रहा है, बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में नक्सलियों ने पर्चे फेंके है| 6 मई से 12 मई 2021 तक माओवादियों का दमन विरोधी सप्ताह चलेगा | सुरक्षा की दृष्टि से विशाखापट्नम से किरन्दुल चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 13 मई 2021 तक किरन्दुल न भेजकर जगदलपुर में ही रोकने का फैसल किया गया है | नक्सलियों के दमन विरोधी सप्ताह को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों में हाई अलर्ट भी जारी किया है | नक्सलियों द्वारा दमन विरोधी सप्ताह मानाने के सम्बन्ध में पर्चे भी फेंके गए है |

इस यूट्यूब वीडियो में 100 से अधिक मुफतखोरों को चल सन्यासी अरुण गोविल अड्डे में गीत को कंपोज करते हुए दिखाया गया है । इन मुफ्तखोरी को पैसा भगवान गिरी के धंधे के सेटअप बिजनेस से मिला है । काश कुछ मुफ्तखोर या कुछ पुलिस वाले या कुछ देश प्रेमी जो मुंह में 365 दिन से चड्डी पहने हैं और जिनका सत्यानाश होना एक आधी महीने में तय हैं , अगर स्वर्गीय दीपक कर्मा तक यह आवाज पहुंचा देते कि स्वर्गीय दिनेश भट्ट एकमात्र धरातल का इंसान है जो बिना रुपया पैसा लिए उसके प्राण बचा सकता है तो शायद दीपक भट्ट नहीं मरता; द्वारका प्रसाद भट्ट नहीं भरता ; करुणा शुक्ला नहीं मरती । अभी देर नहीं हुई है , हम सब मनुष्य प्रजाति 400 दिन से घरों में कैद है और मुर्गे के पिंजड़े के समान मुंह में चड्डी पहन कर टप टप करके मर रहे हैं । अभी भी मनुष्य प्रजाति कोमा में है और अभी भी मनुष्य का कुछ अंश बचा है । अभी भी ‘’चड्डी छोड़ो आंदोलन’’ चलाकर दिसंबर 2021 तक मानव जाति को पटरी पर लाया जा सकता है किंतु अगर देवती नीलिमा मुन्ना तूलिका छविंद्र यानी बचे खुचे चड्डी पहने जन प्रतिनिधियों ने वन मैन आर्मी की करुण वंदना नहीं सुनी तो ऐसा ना हो कि मनुष्य प्रजाति स्वाहा हो जाए और मरे को जिंदा करना जन प्रतिनिधि भगवान बजरंग बली 76469 52251 के भी बस में नहीं है । गौरतलब है कि 6 से 12 मई 2021 पत्रकारों के दमन विरोधी सप्ताह और 6 से 12 जून 2021 मीडिया के विस्थापन विरोधी सप्ताह संयंत्र में उक्त सभी जनप्रतिनिधियों के प्राण सिर्फ और सिर्फ धरातल के सबसे चतुर इंसान सरपंच पति जी के पाकेला में जय सिंह सोढ़ी को चमकाने के कारण ही बचे हैं । इस कहानी से एक बात तय है कि अगर मान लो धरातल वाले मोहनदास को राष्ट्रपिता और कस्तूरी बाई को मदर टेरेसा की मानद् उपाधि दे देते हैं तो भी भगवान गिरी के धंधे में डी के भट धर्म परिवर्तन आंदोलन में मनुष्य जाति का बजरंग जी की काट प्रतिमा के आगे नाच नाच कर ईद के दिन स्वाहा हो जाना तय है क्योंकि भाटिया धर्म में अल्ला गिरी का धंधा बहुत-बहुत खूब ज्यादा अति से अधिक अत्यधिक पाया जाता है और इस धर्म के प्रवर्तक भट्टी साहब और धर्म के इकलौते पिता के एन सिंह स्वयं बजरंगबली जी को अपने निवास में लाक डाउन में बुलाकर लोट लोट कर चरण वंदना करते हुए दिनदहाड़े पाए गए हैं । धन्यवाद ।

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नक्सली मना रहे दमन विरोधी सप्ताह, विशाखापटनम-किरंदुल पैसेंजर 13 तक बंद

नक्सलबाड़ी सशस्त्र संघर्ष की 50वीं वर्षगांठ मना रहे नक्सली, दमन विरोधी सप्ताह के तहत पुलिस ने अंदरूनी क्षेत्रों में किया हाई अलर्ट जारी।


फेंका पर्चा व पेड़ काट किया मार्ग अवरूद्ध
नक्सलियों के इस विरोधी सप्ताह में जगह-जगह पेड़ काट कर मार्ग भी अवरूद्ध किया जा रहा है। साथ ही नक्सली बौखला कर बड़ी घटनाओं को अंजाम न दे इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अंदरूनी क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

पैसेंजर किरंदुल के लिए 13 तक रद्द


नक्सलियों ने पुलिया किया क्षतिग्रस्त

 

इस यूट्यूब वीडियो में 100 से अधिक मुफतखोरों को चल सन्यासी अरुण गोविल अड्डे में गीत को कंपोज करते हुए दिखाया गया है । इन मुफ्तखोरी को पैसा भगवान गिरी के धंधे के सेटअप बिजनेस से मिला है । काश कुछ मुफ्तखोर या कुछ पुलिस वाले या कुछ देश प्रेमी जो मुंह में 365 दिन से चड्डी पहने हैं और जिनका सत्यानाश होना एक आधी महीने में तय हैं , अगर स्वर्गीय दीपक कर्मा तक यह आवाज पहुंचा देते कि स्वर्गीय दिनेश भट्ट एकमात्र धरातल का इंसान है जो बिना रुपया पैसा लिए उसके प्राण बचा सकता है तो शायद दीपक भट्ट नहीं मरता; द्वारका प्रसाद भट्ट नहीं भरता ; करुणा शुक्ला नहीं मरती । अभी देर नहीं हुई है , हम सब मनुष्य प्रजाति 400 दिन से  घरों में कैद है और मुर्गे के पिंजड़े के समान मुंह में चड्डी पहन कर टप टप करके मर रहे हैं । अभी भी मनुष्य प्रजाति कोमा में है और अभी भी मनुष्य का कुछ अंश बचा है । अभी भी ‘’चड्डी छोड़ो आंदोलन’’ चलाकर दिसंबर 2021 तक मानव जाति को पटरी पर लाया जा सकता है किंतु अगर देवती नीलिमा मुन्ना तूलिका छविंद्र यानी बचे खुचे चड्डी पहने जन प्रतिनिधियों ने वन मैन आर्मी की करुण वंदना नहीं सुनी तो ऐसा ना हो कि मनुष्य प्रजाति स्वाहा हो जाए और मरे को जिंदा करना जन प्रतिनिधि भगवान बजरंग बली 76469 52251 के भी बस में नहीं है । गौरतलब है कि 6 से 12 मई 2021 पत्रकारों के दमन विरोधी सप्ताह और 6 से 12 जून 2021 मीडिया के विस्थापन विरोधी सप्ताह संयंत्र में उक्त सभी जनप्रतिनिधियों के प्राण सिर्फ और सिर्फ धरातल के सबसे चतुर इंसान सरपंच पति जी के पाकेला में जय सिंह सोढ़ी को चमकाने के कारण ही बचे हैं । इस कहानी से एक बात तय है कि अगर मान लो धरातल वाले मोहनदास को राष्ट्रपिता और कस्तूरी बाई को मदर टेरेसा की मानद् उपाधि दे देते हैं तो भी भगवान गिरी के धंधे में डी के भट धर्म परिवर्तन आंदोलन में मनुष्य जाति का बजरंग जी की काट प्रतिमा के आगे नाच नाच कर ईद के दिन स्वाहा हो जाना तय है क्योंकि भाटिया धर्म में अल्ला गिरी का धंधा बहुत-बहुत खूब ज्यादा अति से अधिक अत्यधिक पाया जाता है और इस धर्म के प्रवर्तक भट्टी साहब और धर्म के इकलौते पिता के एन सिंह स्वयं बजरंगबली जी को अपने निवास में लाक डाउन में बुलाकर लोट लोट कर चरण वंदना करते हुए दिनदहाड़े पाए गए हैं । धन्यवाद ।

 

कोरोना बकवास : क्या अरविंद केजरीवाल की प्रस्तुती लंड वाले नर मासूम लोग बागों की नर्सरी एल के जी यू के जी आंगन बाड़ी भरर्ती में टट्टी के पेड़े (सुगरफ्री) आपको ... - BBC

29 अप्रैल 2021 — 1.66M subscribers. Subscribe. Coronaबकवास us in India | जानें घर पर भी अरविंद केजरीवाल की प्रस्तुती लंड वाले नर मासूम लोग बागों की नर्सरी एल के जी यू के जी आंगन बाड़ी भरर्ती में टट्टी के पेड़े (सुगरफ्री)  पहनना क्यों है जरूरी | Why Wearing अरविंद केजरीवाल की प्रस्तुती लंड वाले नर मासूम लोग बागों की नर्सरी एल के जी यू के जी आंगन बाड़ी भरर्ती में टट्टी के पेड़े (सुगरफ्री)  is Important At Home #Coronaबकवास us #अरविंद केजरीवाल की प्रस्तुती लंड वाले नर मासूम लोग बागों की नर्सरी एल के जी यू के जी आंगन बाड़ी भरर्ती में टट्टी के पेड़े (सुगरफ्री) Importance #अरविंद केजरीवाल की प्रस्तुती लंड वाले नर मासूम लोग बागों की नर्सरी एल के जी यू के जी आंगन बाड़ी भरर्ती में टट्टी के पेड़े (सुगरफ्री) #CoronaVaccine #DrJayastuSenapati #AmarUjalaFoundation. Show less Show ...

 

सेवा में

              श्रीमती देवती कर्मा, विधायक, दंतेवाड़ा .

विषय    :      आपके पुत्र दीपक (बंटी) के प्राण बचाने बाबत द्वारा   :      विधिक सलाहकार के एन सिंह के साथ स्वयम्                        की वाहन से फरस पाल जिला बीजापुर जाकर

              उपरोक्त विषय अंतर्गत निवेदन है कि आपके पुत्र दीपक (बंटी) मुंह में मास्क से घुटन में बीमार हैआपके पति स्वर्गीय महेंद्र कर्मा के प्राण बचाने का मौका मेरे कई बार साक्षात् निवेदन के बावजूद मुझे नहीं मिल सका । आपके पुत्र X 2 और आप स्वयं जन प्रतिनिधि होने के कारण मास्क पहने रहे और इस कारण ऑक्सीजन की कमी हो गई  ज्ञातव्य हो कि पिछली साल 06 से 12 मई 2020 विस्थापन नक्सली सप्ताह में मरने से आप सभी को मैंने ही बचाया  और आज दिनांक 06 मई 2021 को तत्काल मुझे रायपुर तलब किया जाता है तो मैं आपके पुत्र के प्राण बचा लूंगा ; और एहसान के बदले फूटीकौड़ी रुपैया की मांग नहीं करूंगा. धन्यवाद                                                            

दिनांक 6 मई 2021           `                       दिवेश कुमार भट्ट

समय    2.00 PM                                      निलंबित उप अभियंता

स्थान   फरस पाल                                       लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी

जिला बीजापुर                  विद्युत यांत्रिक खंड दंतेवाड़ा

Website 09981011455.blogspot.com           mobile 9425636422

हे - मनुष्य Indinewscover

दिल्ली नर्सरी प्रवेश २०२१: दिल्ली में नर्सरी एडमिशन के लिए आज जारी पहला मेरिट लिस्ट, जानिए डेंटल


नई दिल्ली:

दिल्ली नर्सरी प्रवेश 2021 पहली मेरिट सूची: दिल्ली के स्कूल नर्सरी कक्षा में दाखिले के लिए आज 20 मार्च को पहली मेरिट लिस्ट जारी करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी में 1700 से अधिक स्कूलों के लिए 18 फरवरी से 4 मार्च के बीच पंजीकरण प्रक्रिया की गई थी। नर्सरी, केजी और कक्षा 1 की मेरिट लिस्ट देखने के लिए माता-पिता को संबंधित स्कूलों की वेबसाइटों पर जाना होगा जिन स्कूलों में उन्होंने आवेदन किया है।

पहले मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद, अभिभावकों को दस्तावेजों को जमा करके स्कूलों द्वारा आयोजित सत्यापन प्रक्रिया में भाग लेने होगा।

प्रत्येक उम्मीदवार को दिल्ली के नर्सरी एडमिशन सिस्टम के अनुसार 100 में से अंक दिए जाएंगे। स्कूल प्रवेश के लिए प्रत्येक मानदंड के लिए अंक प्रदान करेंगे और अधिकांश अधिसूचना को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को सबसे अधिक अंक मिलेंगे और उन्हें प्रवेश दिया जाएगा।

चार साल की आयु तक के बच्चों को नर्सरी में दाखिला दिया जाएगा, जबकि केजी के लिए 5 साल और कक्षा 1 के लिए छह साल के बच्चों को दाखिला मिलेगा। नर्सरी दाखिले के लिए न्यूनतम आयु तीन वर्ष है और केजी प्रवेश के लिए चार वर्ष है।

दूसरी मेरिट लिस्ट 25 मार्च 2021 तक जारी की जाएगी और प्रवेश प्रक्रिया 31 अप्रैल 2021 तक चलेगी। कक्षाएं 1 जुन 2029 से शुरू होने की उम्मीद है।

दिल्ली नर्सरी प्रवेश 2021: एडमिशन के लिए आवश्यक ये डॉक्यूमेंट हैं

– एडमिशन के समय अभिभावकों को ये डॉक्यूमेंट्स भेजना होगा।

– बच्चे का पास साइज़ फोटो।

– माता-पिता / पिता / अभिभावक का पास साइज़ फोटो।

– पता (एड्रेस) का प्राग।

– बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट।

– बच्चे का आधार कार्ड।





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Back to top : जबसे कोरोना वायरस हुआ है , तभी से मुंह में चड्डी पहनने का फैशन शुरू हुआ है और जब से मुंह में चड्डी पहनने का फैशन आया है, तभी से दम घुटने से मौत शुरू हो गई है ‌। सभी प्रदेशों के सीएम ही नहीं पीएम तक ने जबरदस्ती मुंह में चड्डी पहनाने के आदेश दे दिए हैं और बंटी कर्मा पर कृपया ध्यान दें कि आप की मृत्यु का कारण मुंह में चड्डी है और अगर आप जिंदा बच गए तो मुंह में से चड्डी का सफाया कर देंगे ( यह स्वर्गीय दिनेश भट्ट की अंतर आत्मा की आवाज हे ) धन्यवाद ‌

 

जगदलपुर. नक्सली अपनी नक्सबाड़ी सशस्त्र संघर्ष की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस दौरान नक्सलियों का दमन विरोधी सप्ताह 6 से 12 मई 2021 तक चलेगा। नक्सली इस बीच अंदरूनी क्षेत्रों में पर्चा फेंक कर व पेड़ काट कर लोगों को अपनी दमन विरोधी सप्ताह का आगाह करवा रहे हैं।



फेंका पर्चा व पेड़ काट किया मार्ग अवरूद्ध
नक्सलियों के इस विरोधी सप्ताह में जगह-जगह पेड़ काट कर मार्ग भी अवरूद्ध किया जा रहा है। साथ ही नक्सली बौखला कर बड़ी घटनाओं को अंजाम न दे इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अंदरूनी क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

पैसेंजर किरंदुल के लिए 13 तक रद्द
नक्सलियों के इस दमन विरोधी सप्ताह के मद्देनजर शासन-प्रशासन व पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के दृष्टि से 13 मई तक विशाखापटनम से किरंदुल जाने वाली पैसेंजर को जगदलपुर रेलवे स्टेशन में ही रोकने का फैसला किया गया है।

रात में मालगाड़ी भी बंद
बंद के दौरान दक्षिण बस्तर सेक्शन में रात में मालगाडिय़ों की आवाजाही भी बंद रहेगी। रेलवे के इस निर्णय के चलते दक्षिण बस्तर के रेल यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। केवल मालगाडि़यों का परिचालन सुबह से शाम तक चलेगा।

नक्सलियों ने पुलिया किया क्षतिग्रस्त
नारायणपुर जिले में दमन विरोधी सप्ताह के तहत माओवादियों ने ओरछा-गुदाड़ी मार्ग पर बने पुलिया को क्षतिग्रस्त कर दिया और कई जगह पेड़ काटकर सड़क मार्ग अवरूद्ध कर दिया है। 6 से 12 मई 2021 तक तक दमन विरोधी सप्ताह में माओवादियों ने कई जगह पर्चेे भी लगाए

नई गाइडलाइन के संशोधन-

1. वीकेंड कर्फ्यू के दौरान दूध सब्जी की दुकानों को छोड़कर सबकुछ बंद।

2. मंडिया पूर्णरूप से बंद

3. पेट्रोल पंप सप्ताह में सिर्फ 2 दिन खुलेंगे वो भी सुबह 6 से 8 बजे तक।

4. एक जिले से दूसरे जिले में निजी परिवहन के साथ अब निजी बसे भी बंद।

5. रोडवेज बसे बंद होगी या नही यह निर्णय नहीं हुआ है।

6. राशन की दुकानें सिर्फ गली मोहल्ले और कॉलोनियों में ही खुलेगी मुख्य बाजार में नही।

7. रेस्टोरेंट से अब होम डिलीवरी पर भी पाबंदी होगी।

8. आवश्यक सेवाओं से जुड़े सरकारी कार्यालय जो अभी 50%  स्टॉफ के साथ खुलते थे अब 15%  स्टॉफ के साथ ही खुलेंगे।

9. निजी कार्यालय पूर्णरूप से बन्द ही रहेंगे।

10. अब शराब की दुकानें भी पूर्णरूप से बन्द रहेगी।

11. मेडिकल एमरजेंसी के अलावा कोई भी व्यक्ति बहार घूमता मिले तो 1000 की जगह अब 100000 का चालान और 55 दिन के लिए वाहन सीज।  

12. बिना मास्क पाए जाने पर 500 की जगह 500000 का चालान। हे - मनुष्य लोगों : जबसे कोरोना वायरस हुआ है , तभी से मुंह में चड्डी पहनने का फैशन शुरू हुआ है और जब से मुंह में चड्डी पहनने का फैशन आया है, तभी से दम घुटने से मौत शुरू हो गई है ‌। सभी प्रदेशों के सीएम ही नहीं पीएम तक ने जबरदस्ती मुंह में चड्डी पहनाने के आदेश दे दिए हैं और बंटी कर्मा पर कृपया ध्यान दें कि आप की मृत्यु का कारण मुंह में चड्डी है और अगर आप जिंदा बच गए तो मुंह में से चड्डी का सफाया कर देंगे ( यह स्वर्गीय दिनेश भट्ट की अंतर आत्मा की आवाज हे ) धन्यवाद ‌

13. विवाह समारोह में अब सिर्फ 21 व्यक्ति ही अनुमत अन्यथा 500000 का चालान।

14. बैंको, फाइनान्स कंपनी, बीमा कंपनी में 30% स्टाफ के साथ 2 बजे तक कार्य 

भगवान श्री बजरंग पूजा घदे में केसे स्वाहा हुई ? आयुष पटेल के श्री मुख से - मेरे दहेज लोभी दादाजी बिना मुंह में चड्डी पहने भारतीय स्टेट बैंक क्रेडिट कार्ड लूट मारी चौक पर भगवान बजरंग की शरण में दहेज की खटिया से दिनांक 3 अप्रैल 2021 को रॉकल प्रवास पर थे कि पुलिस वालों ने मुंह में चड्डी ना पहनने के अपराध में ₹500 का टीका काट दिया । इस घटना के बाद से दादाजी हमेशा मुंह में चड्डी पहनने लगे और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने लगे और कार्बन डाइऑक्साइड ही लेने लगे । धीरे-धीरे उनका दीपक कर्मा की स्टाइल में दम घुटने लगा और फेफड़े कमजोर पड़ गए । किडनी लीवर पहले ही असहाय थे और दादा जी को डीम्रपाल हॉस्पिटल में जबरदस्ती भर्ती कर दिया गया । उनकी कोरोना की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई क्योंकि वातावरण परिवर्तन होने से उनके शरीर में टेंपरेचर था और कोरोना वायरस की दहशत थी । अंततः कृतिम ऑक्सीजन सपोर्ट पर प्रेशराइज्ड ऑक्सीजन लेने और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़कर पुनः ऑक्सीजन वाले मास्क में कार्बन डाइऑक्साइड की अति हो जाने से उन का दम घुटने लगा । उनको एक बार जमके टटटी लगी और वही स्कूल के गेट में गए तो हरामजादी संगीता देवांगन सफेद झूठ उनके 10त को बिना तले गटागट पी गई । इसके बाद स्वर्गीय दादाजी खटिया पर 1 घंटे और जिंदा रहे और रेमदेसीविर के नाम पर ₹10000 और लौटा दिए और दिनांक 3 मई 2021 सोमवार को दिनदहाड़े 11:00 बजे भगवान बजरंग को रविंद्र शर्मा के मरने के पहले प्यारे हो गए और इसके बाद मनुष्य प्रजाति और जीव जंतु माह के अंत तक डायनोसोर हो गए . धन्यवाद

 

कोरोना वायरस के एक दर्जन न्यू टेंट और एक दर्जन और वायरस इसीलिए अस्तित्व में आ रहे हैं कि लोगों ने मुंह में चड्डी पहन रखी है ; कार्बन डाइऑक्साइड खा रहे हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ गए हैं और वह भी बहुत ही कम मात्रा में क्योंकि मुंह में मास्क लगा है । अंत में फेफड़े में जलन बुखार कोरोना वायरस पॉजिटिव अस्पताल ऑक्सीजन रैंडीसीवर और बंटी कर्मा की स्टाइल में अकाल मौत से पूरे धरातल को सिर्फ एक ही इंसान बचा सकता है और वह वन मैन आर्मी निवेदन कर रहा है कि भगवान दादा बजरंग बघेल की 24 घंटे पूजा करो और जिंदा रहो । यानी डीके भट्ट धर्म परिवर्तन आंदोलन में भी भगवान गिरी का धंधा बहुत बहुत बहुत-बहुत खूब ही ज्यादा अती अत्यधिक  पाया जाता है । धन्यवाद New Mutant: दूसरे स्ट्रेन के मुकाबले 10 से हजार गुना अधिक संक्रामक है कोरोना वायरस का म्यूटेंट 'N440K'

कोरोना वायरस की दूसरी लहर से देश में हालात बेकाबू हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 26 अप्रैल से 2 मई के बीच देश में 26 लाख नए कोरोना केस सामने आए जबकि 23,800 मरीजों की मौत हो गई। कोरोना वायरस के एक दर्जन न्यू टेंट और एक दर्जन और वायरस इसीलिए अस्तित्व में आ रहे हैं कि लोगों ने मुंह में चड्डी पहन रखी है ; कार्बन डाइऑक्साइड खा रहे हैं और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ गए हैं और वह भी बहुत ही कम मात्रा में क्योंकि मुंह में मास्क लगा है । अंत में फेफड़े में जलन बुखार कोरोना वायरस पॉजिटिव अस्पताल ऑक्सीजन रैंडीसीवर और बंटी कर्मा की स्टाइल में अकाल मौत से पूरे धरातल को सिर्फ एक ही इंसान बचा सकता है और वह वन मैन आर्मी निवेदन कर रहा है कि भगवान दादा बजरंग बघेल की 24 घंटे पूजा करो और जिंदा रहो । यानी डीके भट्ट धर्म परिवर्तन आंदोलन में भी भगवान गिरी का धंधा बहुत बहुत बहुत-बहुत खूब ही ज्यादा अती अत्यधिक  पाया जाता है । धन्यवाद बीच वैज्ञानिकों ने इस जानलेवा वायरस के ऐसे म्यूटेंट का पता लगाया है जो बाकी स्ट्रेन के मुकाबले 10 गुना अधिक संक्रामक है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इसी म्यूटेंट के चलते देश के कुछ हिस्सों में कहर मचा हुआ है।

शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस के एक ऐसे म्यूटेंट का पता लगाया है, जो अभी संक्रमण फैला रहे बाकी सभी स्ट्रेन के मुकाबले 10 से 1,000 गुना तक अधिक संक्रामक है। इस म्यूटेंट को 'N440K' नाम दिया गया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इसी म्यूटेंट की वजह से देश के कुछ हिस्सों में दूसरी लहर की रफ्तार बेकाबू हुई, एक और प्रयोग करके देखें।

कटोरी 1कटोरी 2कटोरी 3
क्या लंड वाले नर मासूमों  को हवा मिल रही है?नहींहाँहाँ
क्या लंड वाले नर मासूमों  को पानी मिल रहा है?हाँहाँनहीं
लंड वाले नर मासूमों  में क्या बदलाव आया?लंड वाले नर मासूमों  काले पड़ गयेलंड वाले नर मासूमों  फूल कर बड़े हो गयेकोई बदलाव नहीं
क्या लंड वाले नर मासूमों  में अंकुरण हुआ?नहींहाँनहीं

बताओ और लिखो


किस कटोरी के लंड वाले नर मासूमों  में अंकुरन हुआ? इस कटोरी और बाकी कटोरियों के लंड वाले नर मासूमों  में क्या अंतर है?
उत्तर:

मोदी ने कोरोना बकने के पहले मुह में चडडी क्यों पहना दी ?
उत्तर:
इंडियन पब्लिक के फेफड़े घुटन में आक्सीजन की कमी से स्लो पाइजन में क्रिया हीन हो गये और जितनी भी मौत कोरोना में बकी या पाई जा रही हे। घुटन का नतीजा हैं ।

नक्सली मना रहे दमन विरोधी सप्ताह, विशाखापटनम-किरंदुल पैसेंजर 13 तक बंद

By: ajay shrivastav

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Published: 06 May 21 01:26 PM IST

जगदलपुर. नक्सली अपनी नक्सबाड़ी सशस्त्र संघर्ष की 50वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस दौरान नक्सलियों का दमन विरोधी सप्ताह 6 से 12 मई 2021 तक चलेगा। नक्सली इस बीच अंदरूनी क्षेत्रों में पर्चा फेंक कर व पेड़ काट कर लोगों को अपनी दमन विरोधी सप्ताह का आगाह करवा रहे हैं।

फेंका पर्चा व पेड़ काट किया मार्ग अवरूद्ध
नक्सलियों के इस विरोधी सप्ताह में जगह-जगह पेड़ काट कर मार्ग भी अवरूद्ध किया जा रहा है। साथ ही नक्सली बौखला कर बड़ी घटनाओं को अंजाम न दे इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी अंदरूनी क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

पैसेंजर किरंदुल के लिए 13 तक रद्द
नक्सलियों के इस दमन विरोधी सप्ताह के मद्देनजर शासन-प्रशासन व पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के दृष्टि से 13 मई तक विशाखापटनम से किरंदुल जाने वाली पैसेंजर को जगदलपुर रेलवे स्टेशन में ही रोकने का फैसला किया गया है।

रात में मालगाड़ी भी बंद
बंद के दौरान दक्षिण बस्तर सेक्शन में रात में मालगाडिय़ों की आवाजाही भी बंद रहेगी। रेलवे के इस निर्णय के चलते दक्षिण बस्तर के रेल यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। केवल मालगाडि़यों का परिचालन सुबह से शाम तक चलेगा।

नक्सलियों ने पुलिया किया क्षतिग्रस्त
नारायणपुर जिले में दमन विरोधी सप्ताह के तहत माओवादियों ने ओरछा-गुदाड़ी मार्ग पर बने पुलिया को क्षतिग्रस्त कर दिया और कई जगह पेड़ काटकर सड़क मार्ग अवरूद्ध कर दिया है। 6 से 12 मई तक तक दमन विरोधी सप्ताह में माओवादियों ने कई जगह पर्चेे भी लगाए

अब आगे धरातल का क्या होगा ?
उत्तर : डी. के भट्टी धर्म में आने वाले 3-4 महिने में पृथ्वी के 80 प्रतिशत से अधिक नर नारी शामिल हो जायेंगे और मुंह में चड्डी नहीं पहनेंगे और अंत में भाटिया धर्म की भगवान गिरी के धंधे में जन प्रतिनिधि मानुश यानि धरातल के सबसे चतुर देवता भगवान बजरंग बघेल 7646952251 और देवी राजकुमारी सरपंच 83198 61131 की पूजा धंधे में स्वाहा हो जायेंगे । धन्यवाद । 

 

Scientist found Next pandemic
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कोरोना महामारी से दुनिया इतनी डरी हुई है कि अब साइंटिस्ट्स ने अगली महामारी क्या होगी उसका पता लगा लिया है. साथ ही ये भी पता लगाया है कि ये महामारी किस देश, किस जीव से फैलने की आशंका है. साइंटिस्ट्स ने ये भी बताया कि कैसे अगली महामारी को टाला जा सकता है. इस बार महामारी ब्राजील के अमेजन जंगलों, वहां मौजूद चमगादड़ों, बंदरों और चूहों की प्रजातियों में मौजूद बैक्टीरिया और वायरस से फैल सकती है. आइए जानते हैं वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च में क्या खोजा है? (फोटोःगेटी)

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ब्राजील के मानौस (Manaus) स्थित फेडरल यूनिवर्सिटी ऑफ अमेजोनास के बायोलॉजिस्ट मार्सेलो गोर्डो और उनकी टीम को हाल ही में कूलर में तीन पाइड टैमेरिन बंदरों की सड़ी हुई लाश मिली. किसी ने इस कूलर की बिजली सप्लाई बंद कर दी थी. जिसके बाद बंदरों के शव अंदर ही सड़ गए. मार्सेलो और उनकी टीम ने बंदरों से सैंपल लिए और उसे फियोक्रूज अमेजोनिया बायोबैंक लेकर गए. यहां पर उनकी मदद करने के लिए जीव विज्ञानी अलेसांड्रा नावा सामने आईं. उन्होंने बंदरों के सैंपल से पैरासिटिक वॉर्म्स, वायरस और अन्य संक्रामक एजेंट्स की खोज की. (फोटोःगेटी)

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अलेसांड्रा ने बताया कि जिस तरह से इंसान जंगलों पर कब्जा कर रहे हैं, ऐसे में वहां रहने वाले जीवों में मौजूद वायरस, बैक्टीरिया और पैथोजेन्स इंसानों पर हमला करके संक्रमण फैला रहे हैं. ठीक ऐसा ही हुआ चीन में. वहां से जो वायरस निकले उनकी वजह से मिडल ईस्ट सिंड्रोम (MERS) फैला. वहीं से SARS फैला, अब वहीं से कोरोना वायरस निकला, जिसने पिछले करीब दो साल से पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है. (फोटोःगेटी)

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ब्राजील के मानौस के चारों तरफ अमेजन के जंगल हैं. कई सौ किलोमीटर तक फैले हुए. मानौस में 22 लाख लोग रहते हैं. दुनियाभर में मौजूद 1400 चमगादड़ों की प्रजातियों में से 12 फीसदी सिर्फ अमेजन जंगल में रहते हैं. इसके अलावा बंदरों और चूहों की कई ऐसी प्रजातियां भी रहती हैं, जिन पर वायरस, पैथोजेन्स और बैक्टीरिया या पैरासाइट रहते हैं. ये कभी भी इंसानों में आकर बड़ी महामारी का रूप ले सकते हैं. इन सबके पीछे है शहरीकरण, सड़कें बनाना, डैम बनाना, खदान बनाना और जंगलों को काटना. (फोटोःगेटी)

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फियोक्रूज अमेजोनिया बायोबैंक (Fiocruz Amazônia Biobank) के साइंटिस्ट जैसे अलेसांड्रा और उनकी टीम के लोग हमेशा इस बात का पता करते रहते हैं कि किस जंगली जीव से कौन सा पैथोजेन इंसानों में प्रवेश कर सामान्य स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों को बिगाड़ सकता है. जानवरों से इंसानों में आने वाली बीमारियों को जूनोसेस (Zoonoses) कहते हैं. आपको बता दें कि मानौस में कोरोना वायरस के दो बड़ी और खतरनाक लहर आ चुकी है. जिसकी वजह से इस शहर में अब तक 9000 लोगों की मौत हो चुकी है. अलेसांड्रा नावा और उनकी टीम ने लॉकडाउन और संक्रमण के खतरे के चलते पिछले एक साल से फील्ड सर्वे नहीं किया है, ताकि यह पता चल सके जंगल में किसी जीव में कौन सी नई बीमारी पनप रही हैवैसे तो धरातल के सबसे चतुर इंसान जनप्रतिनिधि बजरंग 24 घंटे उन के अनन्य भक्त स्वर्गीय दिवेश भट के हृदय में निवास करते हैं किंतु आज दिनांक 3 मई 2021 सोमवार को दिनदहाड़े 2:00 बजे एक ऐसा सुनहरा अवसर उत्पन्न हुआ कि भगवान और भक्त के बीच में मात्र 50 किलोमीटर का फासला दरभा घाटी में महेंद्र कर्मा की कब्रगाह और स्वर्ग लोक याने ग्राम रोकेल के मध्य रह गया था । इसी मध्य भगवान जी वीडियो कॉलिंग करके बोले की बात 2013 की है । पत्रकारों ने नक्सलियों के फरमान को छापने का सिलसिला चरम सीमा तक ले गए थे और खुलेआम ना सिर्फ महेंद्र कर्मा बल्कि विद्याचरण शुक्ल और विनय मुदलियार तक की हत्या का फरमान छापे थे और 6 से 12 मई 2021 तक विस्थापन विरोधी नक्सली सप्ताह भी छाप मारे थे । इसी बीच कर्मा जी का यूनियन दरभा घाटी में क्रास हुआ और स्वर्गीय कर्मा जी मारे गए । ऐसा पत्रकारों ने बका । लगभग यही स्टाइल में मोदी हरामखोर ने कोरोना वायरस स्कीम के नोट खा लिए और पूरी पब्लिक को ताली बजाने थाली बजाने और दिया जलाने के अलावा मुंह में चड्डी पहनने का नोट खाकर आदेश निवेदन मुद्रा में टीवी पर 20 मार्च और 24 मार्च 2020 को नोट खाकर वक दिए और अब यह तय कर दिए कि जब भी वह मतुआ अंडडे में बांग्लादेश में गांड मराएंगे या अयोध्या में हनुमान गढ़ी में लूट मारेंगे या शंकर कंकर में 30 लीटर नहीं सोयाबीन का यानी मेलामेंन दूध वह आएंगे ; तब भी वह मुंह में चड्डी पहने होंगे और लोगों को लगातार ना सिर्फ पीपीई किट की अनिवार्यता बल्कि मुंह में चड्डी और बिना मुंह में चड्डी से ₹500 के स्टेट बैंक आफ इंडिया लूट मारी सेंटर के सामने वन मैन आर्मी का चालान और सभी जगह पर ₹1000 बिना मास्क के चालान का आदेश दे मारे । पुलिस वालीं ठुल्ली भी दिनदहाड़े ना सिर्फ सिंगल पर्सन बटालियन का बल्कि मासूम जनता का हजार हजार रुपपे चालान करने लगीं । बटालियन सफाया होना तो दूर की बात है ; साबरमती पुलिस थाने के सामने एटीएम के बगल में यात्री प्रतीक्षालय में फर्जी नौसेना भर्ती तक पत्रकार छाप मारे । जिओ के पंपलेट छाप मारे । एयरपोर्ट भर्ती छाप मारे और यह एयरपोर्ट भर्ती थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अंदर तक पांच ₹5 रोजी में बिकने लगे । इसके बाद क्या हुआ कि कम से कम 8 घंटे और ज्यादा से ज्यादा 16 - 17 घंटे लगातार मुंह में चड्डी पहनने से मनुष्य ने ऑक्सीजन ग्रहण कर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने के दुष्चक्र से कार्बन डाइऑक्साइड छोड़कर कार्बन डाइऑक्साइड लेना शुरू कर दिया । धीरे धीरे समय के अंतराल में 6 महीने साल भर में यानी 22 मार्च 2020 * 365 = 22 मार्च 2021 को मनुष्य की 80% आबादी ने मुंह में चड्डी पहनने की परिपाटी बना ली और यह परिपाटी मुंह में चड्डी इतनी अधिक जानलेवा साबित हुई कि लोगों का दम घुटने लगा । गौरतलब है कि 90% से अधिक मास्क ₹10 में नीले कलर के हवा रोधी कपड़े से बनाए गए हैं और यह मेडिकल स्टोर में निशुल्क सप्लाई किए गए हैं और यह करोड़ों नहीं अरबों की संख्या में मास्क मोदी हरामखोर ने खुद मशीनी कृत विधि से बनाएं । अब इस मास्क में हवा निकलने की गुंजाइश तो है ही नहीं तो आप किसी भी प्राणी की नाक को जरूरी नहीं है मनुष्य हो घोड़ा गधा कुत्ता बिल्ली सूअर यानी सगी बहन से जन्मजात क्रिया कर्म करने वाले मनुष्य के अलावा प्राणी और मनुष्य प्राणी किसी भी की भी नाक को आप मात्र 5 मिनट तक दबा के रखो ऑटोमेटिक मर जाएगा । गमले में लगे पेड़ पर बाल्टी ढक दो , पेड़ 2 दिन में मुरझा जायेगा और एक हफ्ते में मृत हो जाएगा तो मनुष्य मुंह में चड्डी पहन के 365 दिन कैसे जिंदा रह गया ? सिंगल पर्सन आर्मी स्वर्गीय देवेश् एमबीबीएस या एमडी डॉक्टर नहीं है । उसे एमबीबीएस एमडी करने के लिए सबसे पहले 12वीं करना पड़ेगी फिर प्री मेडिकल टेस्ट की परीक्षा देनी पड़ेगी फिर 5 साल का एमबीबीएस करना पड़ेगा फिर 2 साल की इंटरशिप करना पड़ेगी फिर 2 साल की एमडी करना पड़ेगी फिर 2 साल की इंटरशिप मतलब कम से कम 10 वर्ष योजना हो गई तो एक विचार आया कि क्यों ना धरातल के सबसे चतुर इंसान से कोरोना से का हल पूछ लिया जाए । धरातल के सबसे चतुर इंसान ने उनके अनन्य भक्तों को निराश नहीं किया और बताया कि कोरोना वायरस से मृत्यु हो रही है उसका कारण मास्क है । मास्क से घुटन होती है, यह तो सर्वविदित है । मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है । बिना मासक के चालान कटेगा ₹500 ; दे नहीं सकते हैं । पुलिस वाले कब और कहां टपकेगे ? भारत के वीर सिपाही लाल किले पर काला झंडा फहराने से राकेश के गेम को नहीं रोक पाए . भारत के वीर बटालियन वाले जाऊंगा बटालियन वाले कई कई बार कई वीडियो बनाने के बावजूद भी अखबार नहीं चला पाए । भारत के वीर सिपाही भारत की बड़े बड़े दूध वाली बटालियन नक्सली समस्या खत्म नहीं कर पाई । नक्सली समस्या स्वर्गीय श्री की बड़ी बहू प्रतीक्षा बघेल और छोटी बहू कामाख्या पटेल खत्म किए ।इसके बावजूद भी बेवकूफ कामेश्वर सिंह मन्हास के साथ में फोटो खींचा रहा है । 24 जवानों के अपहरण की झूठी खबरें छप रही है । अपरहण धंधा है । 6 से 12 मई 2021 विस्थापन विरोधी सप्ताह स्टाइल में पहले कोरोना वायरस की दुर्गति फिर देशवासियों की दुर्गति फिर सभी प्रकार की भर्ती बंद फिर सभी प्रकार की लूट मारी चालू और फिर अंत में शासकीय कर्मचारियों का एकमुश्त सफाया यानी सभी कर्मचारियों का वेतन भत्ते जीपीएस नहीं देना जो कर लो ! तनखा नहीं देना है नहीं देना ! मोदी का फैसला ! देश के प्रधानमंत्री का फैसला है । सवा सौ करोड़ लोगों के बिके हुए मुखिया का फैसला और इस फैसले के बाद कम से कम 22 करोड़ कर्मचारी और उन पर आश्रित 28 करोड़ देशवासी यने 50 करोड़ जनता यह चुटकी बजाते बराबर 15 दिन के अंदर स्वाहा हो सकती है । मास्क पहनने से दम घुटा कोरोनावायरस कोरोनावायरस दम दम गोटा और ऊपर से kcऐनo3 याने पोटेशियम साइनाइड की वैक्सीन और इसके अलावा बिस्कुट में गांजे भगवान गिरी का धंधा बुढ़ापे में विवाह शादी लूट मारी थी कि घर में सगी बहन की चूत मां की चूत बेटी की चूत बाप की गांड इसके बावजूद भी पूरी जवानी आधी उम्र हिलाओ और 1000000 रुपए तो खर्चा करो तो तो शायद कुछ मिल जाए । कुछ खुशनसीब है और नहीं तो श्री रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा कि मनुष्य तू हिलाएगा पूरी जिंदगी और जानवर जन्म लेते बराबर सबसे पहले मां की चूत चमका आएगा । धरातल वासियों - धरातल वासियों में शामिल एफ एल मंडलोई जी कोसरिया बीएम अग्रवाल नितिन कुमार - ध्यान से सुनो - 1 होता है बाप ! वन मैन आर्मी का खुद का बाप तो कैसा होता था नहीं मालूम, 30 साल पुरानी दुर्घटना है । यह बाप का अस्तित्व सिर्फ मनुष्य समाज में पाया जाता है पशु समाज में मां-बाप नहीं होता है । पेड़ पौधों का भी बाप नहीं होता है जड़ तना पत्ती फल फूल बीज वृक्ष के जननांग है । अधो हस्ताक्षर करता बीएससी इन बाटनी नहीं है किंतु जब से जन्म लिया है स्वर्गीय दुलारे प्रसाद को बचपन में ही खो दिया था स्वर्गीय द्वारका प्रसाद भट्ट को अभी-अभी पर की साल कोरोना वायरस मैं खो दिया है । दीपक कुमार भट्ट आज ही जगदलपुर में भगवान दादा बजरंग बघेल को प्यारे हो गए हैं । सबका फादर एक के सिंह है । फादर नंबर 3 यानी पूज्य पिताजी रामदास पाणिग्रही और फादर क्रमांक 4 पूज्य पिताजी नंबर 4 पी के जैसवाल कार्यपालन यंत्री यह दोनों जगदलपुर में पाए जाते हैं । अतः है नियोक्ता गणों स्वर्गीय देवेश भट के बचे खुचेचे दोनों पिताश्री यानी पीके जैसवाल और रामदास पाणिग्रही को तत्काल रायपुर तलाब करो और रायपुर तलब करके उनके हाथ में स्वर्गीय देवेश मटका 7 साल से लंबित निलंबन से बहाली आदेश स्वत्व के तत्काल भुगतान और वीआरएस की अनुमति और सर्विस ब्रेक का नियमन करते हुए तीन-चार दिन में ही आदेश दे दो और तसल्ली करो कि इसी मई माह के अंत तक स्वर्गीय देवेश को आधा करोड़ों रुपए नगद मिल जाए और वह इस आधा करोड़ राशि में से आधी राशि कस्तूरी बाई को सुरक्षित ठिकाना करके बाकी आधी राशि में एक एरोप्लेन हाईजैक करके मस्कट चला जाए और वही से लोकतंत्र के सभी स्तंभों को सुधार दें और मुंह में चड्डी ना पहने यह जोर-जोर से इंटरनेट में चिल्लाए । खूबी जोर जोर से चिल्लाई कि अगर किसी भी स्थिति में मुंह में चड्डी पहनी : मुंह में चड्डी पहनी तो ऑक्सीजन लेकर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने का चक्र कार्बन डाइऑक्साइड लेकर कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने का दुष्चक्र बन जाएगा । इस बात को सीधे-सीधे समझो कि मनुष्य की टट्टी सूअर खाता है लेकिन मनुष्य अगर टट्टी खाएगा और वह भी खुद की टट्टी खाएगा टट्टी बोले तो अपशिष्ट पदार्थ है अगर अपशिष्ट पदार्थों का सेवन किया गया तो पाचन तंत्र को नष्ट कर देंगे । मनुष्य की नाक में दो छेद होते हैं और अगर एक छेद से ऑक्सीजन लेने और दूसरे छेद से कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ने की प्रथा होती तो एक छेद में चड्डी पहनने से दूसरे क्षेत्र से कार्बन डाइऑक्साइड निकलती रहती लेकिन ऐसा नहीं है । यह नियम प्रकृति ने बनाया है । मनुष्य की दोनों नाक ; नाक के दोनों छेदों से लगभग एक समान एक ही मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है और ऑक्सीजन वह ग्रहण करता है । यह अक्सीजन रक्त की लाल कोशिकाओं से क्रिया करके हिमोग्लोबिन बनाता है और यह तो अपने आप में बहुत ही बड़ा अध्याय है । अधो हस्ताक्षर करता जीव विज्ञानी नहीं है और मनुष्य खाता तो लगभग दो ढाई किलो पड़े हैं लेकिन हगता आधा किलो पर डे दिन में एक बार है और यह सबका फादर एक सिंग और उनके प्रिय पुत्र स्वर्गीय दिवेश भट्ट दिन में दो बार जाते हैं क्योंकि उनको शुगर हो गई है और 1980 में रायसेन के किले में यह शुगर फ्री चीनी दस्त जब हुए थे तो संगीता हरामजादी सफेद चूत गटागट की गई थी बिना तले और मास्क में भर के ; मुंह में मास्क में भर के पूरे धरातल में टांग नाम से गांड मरा ली और मनुष्य फुश हो गया और इसको बचाने का एक लोटा तरीका संगीता बारापात्रे काली चूत जहां भी मिले जब भी मिले हत्या करो और 53 दिन 55 रात ससुराल में ऐश करो यही एकमात्र विधि का विधान है । 180 दिन = 6 महीने लगेंगे = शपथ कर्ता = सबका फादर एक (फोटोःगेटी)



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ब्राजील के कोरोनावायरस वैरिएंट P.1 की उत्पत्ति मानौस शहर से ही हुई थी. ये कोरोना वायरस वैरिएंट इतना खतरनाक है कि ये इम्यूनिटी को धोखा दे सकता है. फियोक्रूज अमेजोनिया बायोबैंक ब्राजीली सेना के पूर्व होटल में चल रहा है. इस लैब के फ्रिजों में 100 से ज्यादा जंगली जीवों के शरीर के तरल पदार्थ, मल, खून, ऊतक आदि रखे हैं. यहां पर करीब 40 से ज्यादा प्रजातियों के जीवों के अंग-अवशेष भी हैं. जिनमें ज्यादातर बंदर, चमगादड़, चूहे और स्तनधारी जीव हैं. अलेसांड्रा नावा का कहना है कि अगली महामारी इन्हीं जीवों के शरीर में रहने वाले बैक्टीरिया, वायरस आदि से फैलने की आशंका है. (फोटोःगेटी)

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फियोक्रूज अमेजोनिया बायोबैंक (Fiocruz Amazônia Biobank) को अमेरिका के PREDICT प्रोग्राम की तर्ज पर बनाया गया था. प्रेडिक्ट प्रोग्राम ने अब तक दुनिया भर में 1000 से ज्यादा पहले से पहला एनिमल वायरसों और जूनोटिक पैथोजेंस का पता लगाया था. ये एक वैश्विक प्रयास था. लेकिन ब्राजील में अलेसांड्रा और उनकी टीम यही काम स्थानीय स्तर पर कर रही है. इस समय अलेसांड्रा और उनकी टीम ने विभिन्न प्रकार के जंतुओं से इंसानों में फैलने वाले वायरल फीवर और फाइलेरिया के अलग-अलग प्रकारों की खोज की है. साथ बीमारी फैलाने वाले जीवों और पैथोजेन्स के डीएनए भी स्टोर किए जा रहे हैं. (फोटोःगेटी)

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प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के बायोलॉजिस्ट डेनिस कैरोल कहते हैं कि अलेसांड्रा और उनकी टीम जो काम कर रही है वो इंसानों को भविष्य के खतरों से बचाने के लिए बहुत जरूरी है. इस समय अलेसांड्रा और उनकी टीम ने ऐसे वायरस की स्टडी कर रहे हैं, जिसके बारे में दुनिया को कम पता है. इस पर स्टडी भी कम हुई है. इसका नाम है ओरोपाउच वायरस (Oropouche Virus). ये वायरस मच्छरों की एक प्रजाति मिज से फैलता है. इसका साइंटिफिक नाम है कलिकॉयड्स पैराएनसिस (Culicoides Paraensis). इस वायरस की वजह से बुखार, तेज सर दर्द, जोड़ों में दर्द होता है. (फोटोःगेटी)

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ओरोपाउच वायरस (Oropouche Virus) की खोज 1955 में हुई थी. तब से लेकर अब तक इसने ब्राजील में 30 बार महामारी का रूप लिया है. इसकी वजह से करीब 5 लाख लोग बीमार हुए हैं. अब यह वायरस पनामा, 6 दक्षिण अमेरिकी देश, त्रिनिदाद और टोबैगो तक फैल चुका है. सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि इस वायरस को लेकर घूमने वाला मच्छर कलिकॉयड्स पैराएनसिस (Culicoides Paraensis) अमेरिकी महाद्वीप के कई हिस्सों में पाया जाता है. यानी इससे वायरस संक्रमण का खतरा ज्यादा है. (फोटोःगेटी)

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वहीं साउदर्न हाउस मॉस्कि्विटो (Culex Quinquefasciatus) ऐसा मच्छर है जो वेस्ट नाइल एंड सेंट लुईस इंसेफलाइटिस वायरस को लेकर घूमता है. यह मच्छर ओरोपाउच वायरस का वाहक भी बन सकता है. यानी इसकी वजह से अफ्रीका, एशिया और ऑ़स्ट्रेलिया में भी ओरोपाउच वायरस (Oropouche Virus) का हमला हो सकता है. ओरोपाउच वायरस (Oropouche Virus) विभिन्न प्रकार के जीवों में पाया जाता है जैसे- स्लॉथ, मर्मोसेट्स, फिंचेस, पक्षी और कुछ स्तनधारी जीव. इस वायरस की जांच करने के लिए इंसान के पेशाब और थूक का सैंपल लेना होता है. (फोटोःगेटी)

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  • 11/14

अलेसांड्रा और उनकी टीम एक और वायरस को लेकर चिंतित हैं. इस वायरस का नाम है मायारो वायरस (Mayaro Virus). यह वायरस अब तेजी से दक्षिण अमेरिकी देशों में फैल रहा है. इसके संक्रमण से फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं. सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि अगर किसी इंसान को संक्रमित करता है तो डॉक्टर यह पता करने में परेशान हो जाएंगे कि यह मायारो वायरस है, या मरीज को चिकनगुनिया या डेंगू हुआ है. क्योंकि ये वायरस लगातार शरीर के प्रतिरोधक क्षमता को धोखा देता है. अलेसांड्रा ने कहा कि ब्राजील में अगला सबसे बड़ा मायारो वायरस (Mayaro Virus) का है. (फोटोःगेटी)

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मायारो वायरस को लेकर घूमने वाले अमेजन के मच्छर हीमागोगस जैंथिनोमिस (Haemagogus Janthinomys) सिर्फ मध्य और उत्तरी-दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है. लेकिन इसके पड़ोसी मच्छर यलो फीवर मॉस्क्विटो और एशियन टाइगर मॉस्किवटो भी मायारो वायरस को लेकर घूम सकते हैं. यलो फीवर मॉस्किवटो यानी एडीस एजिप्टी मच्छर शहरों में रहने के लायक खुद को ढाल चुका है. अलेसांड्रा ने बताया कि मानौस और ब्राजील में एक खतरा मंडरा रहा है योडा-फेस्ड पाइड टैमेरिन बंदर (Yoda-faced pied tamarin Monkey) से. ये बंदर पूरे ब्राजील में पाया जाता है. (फोटोःगेटी)

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शहरी इलाकों के लिए अमेजन के जंगलों से निकले टैमरिन बंदर, उत्तरी अमेरिकी गिलहरियां और रकून बड़ा खतरा हैं. बंदरों में फाइलेरिया के नीमेटोड्स मिले हैं. साथ ही जीका और चिकनगुनिया के वायरस भी इन बंदरों में हैं. ब्राजील में जीका वायरस इंसानों से बंदरों में वापस गया था. नतीजा ये हुआ कि कई गर्भवती मादा बंदरों का गर्भपात करना पड़ा था क्योंकि मादा बंदरों के भ्रूण और शरीर में इंसानों वाले सारे लक्षण दिखाई दे रहे थे. (फोटोःगेटी)

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अलेसांड्रा ने कहा कि मानौस के टैमरिन बंदरों में फिलहाल ऐसे वायरस नहीं है लेकिन ये बंदर कभी भी इंसानों को खतरनाक तरीके से संक्रमित कर सकते हैं. हालांकि मच्छर जीका जैसे वायरस से इंसानों को संक्रमित कर सकते हैं. मानौस के आसपास टैमरिन बंदरों की संख्या तेजी से कम हो रही है. ऐसी गणना है कि अगले 16 सालों में इनकी आबादी 80 फीसदी कम हो जाएगी. अगर किसी तरह का वायरस फैला तो ये और जल्दी खत्म हो जाएंगे. (फोटोःगेटी)

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माननीय दीपक कर्मा से विनती है कि आपके बिग ब्रदर माननीय छबीन्द्र ओर देवकी मम्मी को ले जाकर महानदी भवन में डेरा डालकर मंडलोई से निलंबन से बहाली का आदेश इसी हफते निकलवाकर धरातल को आपके प्रिय भक्त स्वर्गीय दिनेश भट्ट के स्क्रू के हवाले करने की कृपा करें नहीं तो आपकी गांड आपके बाप की गांड की style में मर मुरा गई तो इसका जिम्मेदार अधोहस्ताक्षरकर्ता नहीं ना होगा । थेंक्यू

 

डिया की सरकार में आधा करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और डेढ़ करोड़ पेंशनभोगी हैं इसके अलावा 27 प्लस 6 राज्य की सरकारों में 5 करोड़ कर्मचारी और 15 करोड़ पेंशनभोगी है । वृद्धावस्था पेंशन बेरोजगारी पेंशन बेरोजगारी भत्ता मुफ्त का भत्ता मुफ्त का चावल को अगर शामिल कर लिया जाए तो लगभग 22 करोड़ जनसंख्या मुफ्त में पल रही है , जिस में मुख्यतः खंडहर हो चुके स्कूल पुलिस सेना और कोरोना हस्पताल के कसाई लोग हैं । ऐसा ना हो कि किसी दिन मोदी दिनदहाड़े टीवी पर 22 करोड़ मुफ्त खोरों की लगभग 50000 महीने औसत व्यय को शून्य कर दे या सोना ₹12 किलो बक दे और 22 करोड़ मुफ्तखोर के ऊपर आश्रित आधा अरब जनसंख्या एक आधी माह में टू लेट हो जाए । गौरतलब है कि कोरोना वायरस की बकवास में रोजाना से लाखों लोग पहले ही सर्दी खांसी से नहीं बल्कि लॉकडाउन की पाबंदियों के कारण मर रहे हैं और जो जनसंख्या पहले ही भाई-बहन गिरी के चक्रव्यू में शादी से वंचित थी , सेक्स से वंचित थी , 6 फीट दूरी से सेक्स नाम की क्रिया पिछले डेढ़ साल से बंद है और नवजात शिशु की फैक्ट्री बंद हो गई है और साबरमती के जिला अस्पताल अधिकारी डी एम ओ साहब से निवेदन है कि थाने के लेफ्ट पोस्ट ऑफिस के सामने जिओ पंपलेट के ऊपर जो आईवीएफ फर्टिलिटी बंसल नर्सिंग होम का बहुत बड़ा बेनर आपने चपवा दिया है , उसको तत्काल नष्ट करने की कृपा करें नहीं तो लॉकडाउन काल में साबरमती पधारने वाले गिने चुने इंसानों को पुल पार करते ही लगेगा की नवजात शिशु फिरकी से पैदा होने लगे हैं और फिरकी से अरविंद केजरीवाल नर्सरी में और आंगनवाड़ी में लड वाले नर मासूमों की हत्या का प्लान कर मरेगा ‌। धन्यवाद ।

 जब तक पूरी मानव जाति स्वाहा नहीं होगी तब तक हरामखोर नहीं सुधरेगा ..

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